फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब बागवानी में पलम भी बना रहा खास जगह

विज्ञापन
विज्ञापन
पलम की खेती की तरफ बढ़ा बागवानों का रुझान
विज्ञापन

सेब के पेड़ की अपेक्षा पलम की पैदावार में आता है कम खर्चा
घरद्वार पर बेहतर दाम मिलने से बागवान भी दिखा रहे दिलचस्पी
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। प्रदेश में विभिन्न नकदी फसलों के साथ-साथ अब पलम की फसल भी बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ कर रही है। घरद्वार पर ही अच्छे दाम मिलने से बागवानों को इस फसल से अच्छी खासी आमद हो रही है। अभी तक सेब को ही आर्थिक सुदृढ़ता का आधार माना जाता था। ऐसे मेें अब पलम की फसल की तरफ बीते कुछ सालों से बागवानों का रूझान बढ़ा है।
प्रदेश की लोअर बेल्ट में सेब की अपेक्षा पलम तैयार करने में बागवान काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी देखरेख में सेब से काफी कम खर्च आता है। देश की मंडियों में जहां पलम की पांच किलोग्राम की पेटी के 200 से 450 रुपये तक दाम मिल रहे हैं। वहीं ऐसे बागवान जो अपनी फसल मंडी नहीं पहुंचा सकते हैं तो उन्हें घरद्वार पर ही 150 से 250 रुपये प्रति पेटी दाम मिल रहे हैं। शिमला और कुल्लू जिले में पलम की अच्छी खासी खेती होती है। पलम की पैदावार के लिए सिंचाई की भी अधिक आवश्यकता नहीं रहती। सूखाग्रस्त क्षेत्रों में भी पलम की फसल तैयार की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में क्षेत्र के बागवान योगराज ठाकुर, सरस्वती ठाकुर, कुलवंत ठाकुर, रणवीर, विजय, राधाकृष्ण कायथ, रविंद्र कायथ, मोहन सिंह, उत्तम सिंह सहित अन्य बागवानों का कहना है कि वर्ष दर वर्ष पलम की फसल से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है। कुछ वर्ष पूर्व पलम की पेटी 25 से 30 रुपये बिकती थी, वहीं आज के दौर में यह पेटी 150 से 250 रुपये तक बिक रही है, जिससे उनकी आर्थिकी मजबूत हो रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें