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सोशल मीडिया तक सिमटा पर्यावरण बचाओ अभियान

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अमर उजाला ब्यूरो

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आनी (कुल्लू)। बुधवार को चवाई वन रेंज के अंतर्गत तराई जाखड़ के जंगलों में अचानक आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही आरओ चवाई तेज सिंह अपनी टीम के साथ मौके की ओर रवाना हो गए। उन्होंने अग्निशमन केंद्र को भी सूचना दी। तेज सिंह के अनुसार साथ लगती शीलही और चवाई पंचायत के प्रधानों से भी सहयोग मांगा गया, लेकिन 8-10 लोगों के अलावा किसी ने सहयोग नहीं दिया। ऐसे में जंगल की आग पर काबू पाना मुश्किल होता गया। जलने के बाद चीड़ के पेड़ों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया। ऐसे में काउंटर फायर के साथ आग और काबू पाया जा रहा है।
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गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह में ही आनी वन मंडल के करीब 8-10 जंगल आग की चपेट में आ गए हैं, जिससे बहुमूल्य वन संपदा के अलावा, पशु-पक्षी और जंगली जानवर आग के हवाले हुए हैं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं आरओ चवाई तेज सिंह का कहना है कि आग लगने के प्रमुख कारणों में जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकना, बारिश या अच्छे घास की उम्मीद में आग लगाने की गलती करना है। वन विभाग लूहरी के डीएफओ चंद्र भूषण का कहना है कि विभाग की ओर से बार-बार लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शिविरों का आयोजन किया दा रहा है। जिसमें जंगलों को आग से बचाने, अधिक से अधिक पौधे रोपने और उनके संरक्षण को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जंगलों में नब्बे प्रतिशत आग मानवीय लापरवाही से लगती है। उन्होंने लोगों से पुरजोर अपील की है कि वनों का संरक्षण करें। यदि विभाग की पकड़ में ऐसे शरारती तत्व आते हैं उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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