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बिना साइन बोर्ड लगाए खर्च किए ढाई लाख

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अमर उजाला ब्यूरो

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ब्रौ (कुल्लू)। निरमंड विकास खंड की पोशना पंचायत में बिना कार्य किए फर्जी तरीके से सरकारी धन की हेरफेर किए जाने का मामला सामने आया है। मौके पर कार्य किए बगैर ही पंचायत ने धनराशि जारी कर दी है। पोशना पंचायत के ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू को पंचायत प्रधान और मनरेगा सहायक की मिलीभगत से हुए घोटाले की शिकायत भेजी है।
पोशना पंचायत के लोकेंद्र सिंह, गाजरू राम, डीएन शर्मा, अमर सिंह, गब्बर सिंह, जिंदू राम, बीआर जोशी और महेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार पोशना पंचायत में मनरेगा के तहत जितने भी विकास कार्य हुए हैं उनमें साइन बोर्ड नाममात्र के लगाए गए हैं। वहीं विकास कार्योें के साइन बोर्ड के नाम पर फर्जी बिल बनाकर संबंधित पेंटर को ढाई लाख राशि जारी की गई है, जिसका पूरा विवरण आरटीजीएस के माध्यम से लिया जा सकता है। कार्य स्थल पर पेंटर द्वारा कार्य नहीं किया गया है, जबकि इसके एवज में उसे धनराशि जारी की गई है।
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उन्होंने आरोप लगाए कि पंचायत द्वारा बिल वाउचर को भी पंचायत की बैठक में पास नहीं किया गया है। पंचायत प्रधान और मनरेगा सहायक की मिलभगत से ये बिल पास किए गए हैं। वहीं उन्होंने पंचायत द्वारा एक ही कार्य को दो बार कागजों में दर्शाया है और मौके पर यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस कार्य को पंचायत घर से खाटल तक के नाम से दर्शाया गया है। पंचायत के कई क्षेत्रों में क्रेटवॉल को कागजों में दर्शाया गया है, जबकि मौके पर सिर्फ दीवार लगाकर काम चलाया जा रहा है। उक्त ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू और पंचायत राज विभाग से इन कार्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। उन्होंने पंचायत के सभी कार्यों की जांच एसडीएम आनी द्वारा करवाने की भी मांग की है।
पंचायत प्रधान इंदिरा के अनुसार मनरेगा कार्यों की पेमेंट पहले ही जारी की जाती है। पेंटर को कार्य करने को लेकर दो बार नोटिस जारी किए गए हैं। बीते रोज इसकी शिकायत पुलिस थाना में की गई है। समय पर मैटीरियल न पहुंचने के चलते क्रेटवॉल की जगह डंगा लगाया गया है। पंचायत घर से खाटल के नाम से कोई कार्य नहीं किया गया है। कार्यों की जांच की जा सकती है।
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वहीं बीडीओ निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। पंचायत को संबंधित ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने माना कि संबंधित ठेकेदार को एडवांस में धनराशि जारी गई है। वहीं अन्य मामलों के संबंध में उन्होंने कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।

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