बरगद को रक्षा सूत्र बांध परिवार के लिए मांगी सुख शांति
रामपुर में वट सावित्री पर्व की रही धूम, सुहागिनों में रहा उत्साह
बरगद के पूजन और कथा सुनने से मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर में वट सावित्री पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुहागिनों ने सोमवार को अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख शांति के लिए वट सावित्री की पूजा की। रामपुर में सुहागिनें सुबह से ही बरगद की पूजा-अर्चना करने में जुट गईं। उन्होंने बरगद को रक्षा सूत्र बांधा और आशीर्वाद प्राप्त किया।
वट सावित्री पर्व में वट और सावित्री दोनों का खास महत्व माना गया है। पीपल की तरह वट या बरगद के पेड़ का भी विशेष महत्व है। पुराणों की मानें तो वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों वास करते हैं। इस उपलक्ष्य पर सुहागिनों एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। वहीं सत्यवान और सावित्री की कथा सुनती हैं। नवविवाहिता सुहागिनों में पहली बार वट सावित्री पूजा का अलग ही उत्साह रहता है। कंचन, रचना, सुरभि, दीया, कुलासा, नेहा, ललिता और मोनिका के अनुसार वट सावित्री पर्व के दिन बरगद के नीचे बैठकर पूजन और व्रत कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वट वृक्ष पर महिलाएं जल चढ़ाकर कुमकुम और अक्षत चढ़ाती हैं। फिर सूत के धागे से वट वृक्ष को बांधकर उसके सात चक्कर लगाए जाते हैं। वहीं सुहागिनें चने गुड़ का प्रसाद बांटती हैं।