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डोम देवता पमलाई की चोरी हुई मूर्ति दस माह बाद मिली

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कुमारसैन(रामपुर बुशहर)। कोटगढ़ के पमलाई स्थित डोम देवता की मुख्य मूर्ति करीब 10 महीने बाद मिली है। सैकड़ों साल पुरानी आराध्य डोम देवता की मुख्य मूर्ति मिलने से लोगों की आस्था की जीत हुई है। मूर्ति मिलने की खबर के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ी। 9 दिन के बाद मेला थानाधार में देवता जी शिरकत के लिए पहुंचेंगे।
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जानकारी के अनुसार रविवार सुबह चैरी के सीजन में मजदूरी करने आए करसोग के मजदूर सैर करने निकले तो उन्हें बनकोटी गांव के समीप नाले में पीले कपड़े में लिपटी एक वस्तु दिखाई दी और पास जाने पर पाया कि यह एक मूर्ति है। इसके बाद उन्होंने अपने मालिक दीपक ठाकुर और आसपास के ग्रामीणों को इस बारे सूचित किया। छानबीन के दौरान पता चला कि यह सैकड़ों साल पुरानी आराध्य डोम देवता की चोरी हुई मुख्य मूर्ति है। इसके बाद उन्होंने कारदार धनश्याम प्रताप सिंह, करतार सिंह, मंदिर कमेटी प्रधान प्रेम कौल, गुर ओम प्रकाश को सूचित किया। इसके बाद देवता के कार करिदों ने देवता की मूर्ति की पहचान की। देवता साहब ने अपने गुर के माध्यम से पहले ही इशारों में बता दिया था कि उनकी मूर्ति क्षेत्र में ही है और समय रहते वह मिल जाएगी। इसी माह क्षेत्र की आस्था का प्रतीक देवता साहिब डोम का थानाधार मेला 16 और 17 जून को धूमधाम से मनाया जाएगा। मेले से ठीक पहले देवता जी की मुख्य मूर्ति मिलने से लोगों में काफी खुशी है।
बतातें चले कि बीते साल 31 अगस्त 2018 को कोटगढ़ के पमलाई में मंदिर से चोर 200 साल पुरानी आराध्य डोम देवता की मुख्य मूर्ति चुरा ले गए थे। चोरों ने खिड़की तोड़कर अष्टधातु की मूर्ति उड़ा ली थी। इसके अलावा चांदी का छत्र, चांदी का कमंडल और चांदी का धनेरा भी चोर ले उड़े थे। इन सभी का भार करीब एक किलो के आसपास था, जो अभी नहीं मिला है।
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डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मंदिर कमेटी द्वारा रविवार सुबह पुलिस को सूचित किया गया कि डोम देवता की मूर्ति मंदिर से 15 सौ मीटर की दूरी पर मिली है। शिनाख्त के बाद मूर्ति मंदिर कमेटी को दी जाएगी।
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