रामपुर बुशहर। रामपुर के नजदीक डकोलढ़ स्थित सिंग्मा स्कूल ऑफ साइंस के शिक्षक की ओर से छात्र को पीटने का मामला तूल पकड़ने लगा है। मामले को लेकर सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान को सोमवार को ज्ञापन सौंपा और डीपीई शिक्षक पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग उठाई है। वहीं, उन्होंने चेताते हुए कहा कि यदि जल्द इस संबंध में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
सीपीआईएम के सचिव देवकी नंद ने बताया कि स्कूली बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार संविधान धारा 39 एवं बाल संरक्षण कानून की खुली उल्लंघना है। बच्चे के साथ घटना होने के बाद बच्चा सदमे में है, जिसके कारण बच्चे का परिवार परेशान है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसके बारे में उच्च न्यायालय को भी शिकायत भेज दी है। सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने बताया कि सिग्मा स्कूल में नवीं में पढ़ाई करने वाले छात्र को 23 मई सुबह करीब नौ बजे स्कूल के डीपीई ने कान पर जोरदार थप्पड़ मारा, जिसकी वजह से उसके कान का पर्दा फट गया है। इसकी जानकारी परिवार को छात्र के घर पहुंचने पर मिली। स्कूल प्रबंधन ने छात्र की दर्द की परवाह किए बगैर उसे दिन भर स्कूल में रखा। शाम चार बजे जब छात्र घर पहुंचा तो उसके कान से खून निकल रहा था। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे शिमला के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया। जबकि यहां से उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चे के कान में दर्द होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उसका उपचार करवाना तक उचित नहीं समझा, जिसको लेकर उन्होंने रोष प्रकट किया है। इस अवसर पर सीपीआईएम के कार्यकर्ता दीप चंद मेहता, कुलदीप सिंह, अविनाश, परस राम, कुमत चंद मेहता, आशु भारती और साहिल राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर, स्कूल प्रबंधक अतुल टंडन ने बताया कि आरोपी शिक्षक को स्कूल से बर्खास्त कर दिया गया है। जब तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं आती और सारा मामला साफ नहीं हो जाता, तब तक शिक्षक की सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।