टापरी वाया उरनी चोलिंग सड़क की हालत खस्ता
चार पंचायतों के हजारों लोगों को हो रही परेशानी
बीस किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह पड़े गड्ढे
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के टापरी, चगांव, उरनी, यूला और मीरू को जोड़ने वाली एक मात्र टापरी वाया उरनी चोलिंग संपर्क मार्ग खस्ताहाल है। इस सड़क पर चार पंचायतों के हजारों लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता कभी भी ग्रामीणों पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीणों में इस संबंध में सरकार और विभाग के प्रति रोष है।
टापरी से वाया उरनी, यूला और मीरू तक वैकल्पिक करीब 20 किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। इस संपर्क मार्ग पर सेब सीजन के दौरान भारी भरकम ट्रकों सहित कई अन्य वाहनों के लगातार चलने से जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं। ऐसे में सड़क पर सफर करना किसी खतरे खाली नहीं है। कभी भी हादसा हो सकता है लेकिन, इस समस्या को दूर करने को लेकर लोक निर्माण विभाग कोई पहल नहीं कर रहा है। किसान खेत खलिहान मजदूर संघ जिला अध्यक्ष अनिल नेगी, कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव सुनील नेगी, पूर्व प्रधान चगांव कांता देवी नेगी, उपप्रधान मीरू शेर चंद नेगी, राजेश नेगी, अश्वन देव नेगी, कमल नेगी, विमल नेगी और सुरेश नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की हालत टापरी से यूला मीरू तक काफी लंबे समय से खस्ता बनी हुई है। इसका खामियाजा निचार खंड की चगांव, यूला, मीरू और उरनी पंचायतों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और विभाग से समय रहते सड़क की दयनीय हालत को सुधारने की मांग उठाई है। लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन आरएल चौहान ने कहा कि आचार संहिता के चलते कार्य नहीं हो पा रहे थे। आचार संहिता हटते ही सड़क को जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।