करोड़ों रुपये की लागत से बने जाख
देवता के नए मंदिर की प्रतिष्ठा जून में
पौराणिक काष्ठ शैली में तैयार किए मंदिर निर्माण में करीब दो करोड़ खर्च
कारीगर मंदिर भवन को अंतिम रूप देने के लिए दिन-रात जुटे
आठ वर्षों से चल रहा देवता जाख के नए मंदिर का निर्माण कार्य
21-22 जून को भव्य कार्यक्रम के साथ होगी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की दुर्गम वैली 15/20 के फांचा में देवता जाख के नए मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर पहुंच गया है। मंदिर कमेटी ने जून माह में मंदिर की प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तय कर दिया है। लकड़ी के कारीगर और पेंटर मंदिर की साज सज्जा को अंतिम रूप देने के लिए रात-दिन जुटे हुए हैं। जाख देवता के नए मंदिर को सजाने के लिए लकड़ी की खूबसूरत नक्काशी की जा रही है। बीते आठ वर्षों से चल रहे मंदिर निर्माण में अभी तक करीब दो करोड़ की लागत आ चुकी है।
मंदिर निर्माण में किन्नौर जिले के निचार से लकड़ी के कारीगर मंदिर को सभी मंदिरों से अलग और सुंदर रूप देने के कार्य में जुटे हुए हैं। मंदिर निर्माण में लगे लकड़ी के कारीगर रामचंद्र और रामदेव ने बताया कि उन्होंने अभी तक करीब 20 मंदिरों का निर्माण कार्य किया है। उन्होंने सभी मंदिरों को अलग-अलग डिजाइन दिया है। इस मंदिर का डिजाइन भी पूरे क्षेत्र में सबसे अलग है।
जाख देवता मंदिर कमेटी के भंडारी सुभाष नेगी, प्रधान प्रकाश नेगी, सचिव कुशल सुनेल और सहसचिव भगत जंत ने बताया कि मंदिर निर्माण में करीब आठ साल का समय लगा है। मंदिर निर्माण में करीब दो करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके निर्माण को पूरा करने में फांचा, नंती, टिक्कर, कांदरी और पशगांव समेत चार गांव के प्रत्येक परिवार ने 70 से 80 दिन का श्रमदान भी किया है। वहीं लाडा समेत सरकार से भी आर्थिक मदद मिली है। 16 जून से नए मंदिर में हवन और पूजा पाठ का कार्यक्रम शुरू होगा। 21 जून को क्षेत्र से करीब एक दर्जन देवी-देवता मंदिर में पहुंचेंगे। 22 जून को पूर्णाहुति के बाद शिखा पूजन कर मंदिर की प्रतिष्ठा का कार्य पूर्ण किया जाएगा।