रामपुर/डंसा। तकलेच पंचायत के देवीधार में आयोजित प्राचीन बिरशी मेले की धूम रही। शुक्रवार को बिरशी मेेले में ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर दिनभर नाटी डाली। देवीधार में स्थानीय महासू देवता थेडा और दोगणु देवता लालसा के आगमन के साथ ही बिरशी मेले का आगाज हुआ। ऐतिहासिक मेले में दूर-दूर से विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने मेले का खूब लुत्फ उठाया, वहीं देवता साहिब के समक्ष शीश नवाया और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में दिनभर ग्रामीणों ने देवलुओं संग खूब नाटी डाली।
महासू देवता थेडा मंदिर कमेटी अध्यक्ष बली मजटू, सचिव तिलक जिहान, कुक्कू जिहान, दीपक ठाकुर, अमर सिंह ठाकुर, डिंपल वजीर और कृष्ण मजटू ने कहा कि देवीधार में बीते कई दशकों से यह मेला मनाया जा रहा है। प्राचीन समय से मनाए जाने वाले बिरशी मेले पहाड़ी लोक संस्कृति के परिचायक हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी सदियों पुरानी इस धार्मिक परंपरा को ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने संजोए रखा है। मेले में महिलाओं और पुरूषों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। मेले में दिनभर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर लोग झूमते रहे।
रामपुर खंड के शनेरी में भी शुक्रवार को बिरशी मेले की धूम रही। शनेरी में आयोजित बिरशी मेले में देवता साहिब दमुख डंसा, देवता साहिब जाख रचोली, यगेश्वर देवता साहिब शिंगला और मेजबान देवता जाहरू नाग शनेरी विशेष रूप से मौजूद रहे। मेले में ग्रामीणों और देवलुओं ने दिनभर नाटी डाली। वहीं विभिन्न क्षेत्रों के लोग सुबह से ही मंदिरों में पहुंचने शुरू हो गए और दिनभर ढोल की थाप पर झूमते रहे।
इस अवसर पर जाहरू नाग मंदिर कमेटी शनेरी प्रधान बहादुर लाल शर्मा ने कहा कि बिरशी मेले के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लक्ष्मीकांत ने मंदिर निर्माण के लिए 1.75 हजार रुपये और मोहन शर्मा ने एक लाख रुपये की राशि भेंट की। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकार दीवान शिवान ने एक से बढ़ कर एक प्रस्तुतियां देकर खूब धमाल मचाया। इस मौके पर सचिव चैन राम चौहान, उप प्रधान सैन राम, निरंजन शर्मा, यशवंत शर्मा, श्रवण कुमार और कांडू राम सहित कई अन्य मौजूद रहे।