कोटखाई। तहसील कोटखाई के तहत करीब नौ हजार फुट ऊंचे तुना शिखर पर माता तुनकाली का पांच दिवसीय यज्ञ मंगलवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। पूर्ण आहुति और धाम में क्षेत्र के करीब दो हजार लोगों ने शिरकत की। यज्ञ पूरा होने के बाद पुजैली गांव से माता दुर्गा की पालकी सहित गांव के लोग वापस लौट गए।
तुनाकाली यज्ञ के लिए मंगलवार सुबह करीब ग्यारह बजे दुर्गा माता की पालकी सहित लोग तुना शिखर पर पहुंचे। देवी के जयकारों के साथ पालकी का तुना शिखर पर यज्ञ में बैठे लोगों ने स्वागत किया। पूर्ण आहुति के बाद यहां पर धाम का आयोजन किया गया। धाम समाप्त होने के बाद लोगों ने ढोल नगाड़ों की धुनों पर नृत्य भी किया। यहां पर हर पांच साल बाद इस यज्ञ का आयोजन किया जाता है।
यज्ञ में करीब दो सौ लोग पांच दिनों तक तंबू लगाकर घने जंगलों के बीच रह रहे थे। पूर्ण आहुति के लिए माता दुर्गा पुजैली की पालकी के साथ बागा, चलनैर गांव के लोग सोमवार को पुजैली से रवाना हुए थे। धाम के बाद मंगलवार शाम को दुर्गा मां की पालकी अपने गांव पुजैली लौट गई।
यज्ञ पूरा होने के बाद देवताओं के गुरों व क्षेत्र के अन्य मंदिरों से पहुंचे कारदारों की तुनाकाली यज्ञ आयोजन कमेटी की ओर से विदाई की गई। माता के पुजारी रामानंद शर्मा देविंद्र सावंत और प्रकाश सावंत ने बताया कि यज्ञ क्षेत्र की सुख समृद्घि के लिए हर पांच साल बाद किया जाता है।