नेरवा(रोहड़ू)। सड़क सुविधा से वंचित चौपाल उपमंडल की दूरदराज की पंचायत बौहर के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नेताओं को इस पंचायत की याद चुनाव के समय ही आती है। उसके बाद कोई भी नेता पंचायत में ग्रामीणों की सुध लेने नहीं आता है। पंचायत में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते अधिकांश लोग पंचायत से पलायन कर सड़क किनारे दूसरे स्थानों में बस चुके हैं। पंचायत में लोगों ने आलीशान घर बनाए थे परंतु सड़क सुविधा न होने की वजह से इन घरों में ताले लटके हुए हैं। लोगों को रोजमर्रा का सामान पीठ पर ढोकर ले जाना पड़ता है। पांच से छह किलोमीटर की कठिन चढ़ाई चढ़कर गांव पहुंचना पड़ रहा है। पंचायत के लिए आज से 35 वर्ष पहले सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो कि आज तक पूरी नहीं हो पाई है। पंचायत में हालत ऐसी है कि यदि छोटी सी बीमारी के लिए दवा भी लेनी हो तो 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
गांव की महिला झूती देवी ने बताया कि उसकी एक टांग कट गई है। जिस वजह से वह हाथों के बल चलती है। उसे किसी कार्य से गुम्मा जाना हो तो वह हाथों के सहारे ही जाती है। जिस कारण उसके हाथों में बड़ी बड़ी गुठलियां बन गई हैं। स्थानीय ग्रामीण नैन सिंह, दलीप रावत, प्रेम चौहान, नाग चंद, संत राम जोशी, सुरेंद्र, बीरमा देवी, बबीता कुमारी ने बताया कि सभी सरकारें पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ने के बड़े बड़े दावे तो करती आई हैं।