आनी (कुल्लू)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के पहले चरण में बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बुच्छैर में छात्र-छात्राओं को कृमि संक्रमण के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान छठी से जमा दो के विद्यार्थियों को प्रधानाचार्य जवाहर ठाकुर ने अल्बेंडाजोल की खुराक भी पिलाई।
इस अवसर पर उन्होंने सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से ग्रसित रोगी के लक्षण बताकर इससे शरीर पर पड़ने वाले कुप्रभावों के बारे में जानकारी दी और इसके बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़े एक विश्व व्यापी जन स्वास्थ्य समस्या है। बच्चों में कीड़ों के संक्रमण से शारीरिक, मानसिक विकास, पोषण और हीमोग्लोबिन स्तर पर भी खराब असर पड़ता है। बच्चों में चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, पेट में हमेशा दर्द रहना, एकाग्रता की कमी, पढ़ाई में ध्यान न लगना और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना ये सभी पेट में कृमि होने के प्रमुख लक्षण हैं। नंगे पैर खेलना, घूमना, हाथ को साबुन से अच्छी तरह धोए बिना भोजन करना, खुले में शौच करना और शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह से न धोना, फल व सब्जियां बिना धोए खाना और बिना ढके भोजन को खाना ये सभी कृमि से संक्रमित होने के प्रमुख कारण हैं। इस मौके पर विक्रम, टिकम, श्याम ठाकुर, संजीव राणा, राजेंद्र ठाकुर, सुरेश, किशन चंद, सतपाल, अश्वनी, मीना, उषा और आशा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।