सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में बीते कई सालों से स्टाफ की कमी चल रही है। इसके चलते सांगला वैली की करीब एक दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों को उपचार करवाने के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन करीब 80 से 100 ओपीडी रहती है। लेकिन स्वास्थ केंद्र में अल्ट्रासाउंड, दंत चिकित्सक और नेत्र चिकित्सक का पद खाली होने से लोगों को बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। लोगों को मजबूरन कई किलोमीटर दूर रिकांगपिओ या रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
सांगला वैली के किल्बा, सापनी, बटूरी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, कामरू, सांगला, बटसेरी, थेमगारंग, रक्षम और छितकुभल की करीब एक दर्जन पंचायतों के हजारों लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह से इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन यहां पर बीते कई वर्षों से स्टाफ की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
इस संबंध में पितांबर दास नेगी, रघुवीर सिंह नेगी, सचीन नेगी, विक्रम नेगी, मुकेश नेगी, भागीरथ नेगी, त्रिलोक नेगी, बद्री नेगी, यतेंद्र सिंह नेगी, दीपक नेगी और राजेश नेगी सहित कई अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र रिक्त पड़े पदों को भरने की पुरजोर मांग की है, जिससे क्षेत्र के लोगों को असुविधाएं न हों।
वहीं बीएमओ सांगला डॉ. वैंकट नेगी के अनुसार सरकार को बार-बार पत्र लिखकर अवगत करवाया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही स्टाफ की तैनाती करेगी। क्षेत्र के लोगों को असुविधाएं न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन गंभीर है।