रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की मीरू पंचायत के ग्रामीणों ने रावमापा मीरू में शिक्षकों की तैनाती और पीएचसी में चिकित्सक न होने के चलते चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन भेज कर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि 15 दिन में शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तो वे लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
वीरवार को मीरू पंचायत प्रधान किरण की अध्यक्षता में पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल सहायक आयुक्त उपायुक्त किन्नौर सलीम आजम से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सहायक आयुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त शिमला को 64 ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर किया गया ज्ञापन सौंपा। पंचायत प्रधान किरण, उपप्रधान शेरचंद, एसएमसी प्रधान कमला देवी, मधु राम, चंद्रशेखर, सूरज कुमार और राम कुमार सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में बीते दो वर्ष से अहम विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
वर्ष 2018 से प्रधानाचार्य, टीजीटी मेडिकल, टीजीटी नॉन मेडिकल, शास्त्री और डीपीई के पद रिक्त पड़े हैं। वहीं बीते तीन वर्ष से क्लर्क, वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक के पद खाली चल रहे हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते लंबे समय से चिकित्सक का पद भी रिक्त पड़ा है, जिसके चलते ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल रही हैं। इन मुद्दों को टापरी में आयोजित जनमंच कार्यक्रम में भी प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन समस्या को लेकर कोई कार्रवाई आज दिन तक अमल में नहीं लाई गई है।
उन्होंने चेताया कि यदि 15 दिन में स्कूल में शिक्षकों की तैनाती और स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक नहीं पहुंचता है तो ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्चतम और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला को भी भेजी गई है। इस संबंध में सहायक उपायुक्त किन्नौर सलीम आजम ने बताया कि उन्हें मीरू के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है, जिसे जल्द ही निर्वाचन आयुक्त के कार्यालय भेजा जाएगा। संबंधित विभागों को भी ज्ञापन की कॉपी उचित कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है।