दलाश (कुल्लू)। आनी उपमंडल की खनाग पंचायत में इन दिनों लहसुन की खेती ब्लाइट रोग की चपेट में आ गई है। लहसुन की फसल में फैली इस बीमारी से किसानों को करीब 11 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। प्रभावित किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं इस संबंध में मौके पर कृषि विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई है, जो बीमारी की जांच करेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आनी उपमंडल की खनाग पंचायत के खनाग, बरघोल, जाओं, बनाला, कांडा, लुहाल, कमांद और साथ लगते गांव में किसानों ने सैकड़ों बीघा भूमि पर लहसुन की बिजाई की है। यह लहसुन अब बीमारी की चपेट में आने के कारण सड़नी शुरू हो गई है। खनाग पंचायत के विभिन्न गांवों में लहसुन प्रमुख नकदी फसल है, जिसे बीजने के लिए किसान हजारों रुपये खर्च करते हैं। अब जब इसका बाजार में बिकने का समय आने वाला है उससे पहले ही फसल बीमारी की चपेट में आ गई है। खनाग और आसपास की पंचायतों में हर वर्ष लाखों रुपये की लहसुन का कारोबार होता है।
क्षेत्र के किसान प्रेम सिंह, रामस्वरूप, पूर्ण चंद, उगम राम, रामानंद, बेली राम, ठाकुर सिंह, अनंत राम सहित अन्य किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग आनी से मांग की है कि गांव में विषय विशेषज्ञों को भेजा जाए जिससे इस बीमारी पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जा सके। प्रभावित किसानों ने सरकार और विभाग से नुकसान के एवज में उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
वहीं इस संबंध में कृषि विभाग आनी के एसएमएस राम चंद्र ने बताया कि वीरवार को विभाग की एक टीम मौके पर भेजी दी गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी गई है कि मैनकोजेब 25 ग्राम, कारबैंडाजेब 10 ग्राम दवाई का घोल 10 लीटर पानी में मिलाकर इसका छिड़काव करें। करीब 20 से 25 हेक्टेयर भूमि पर करीब 160 किसानों की लगभग 11 लाख रुपये की फसल का नुकसान आंका गया है। रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और शीघ्र ही इसे सरकार को भेजा जाएगा।