सांगला (किन्नौर)। पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ डिपो में लंबे समय बाद भी खाली पदों पर भर्तियां नहीं हो पाईं हैं। जिला में रूटों के हिसाब से 100 बसों की जरूरत है, वहीं वर्तमान समय में 89 बसें ही दौड़ रही है। निगम परिसर की रात्रि देखरेख के लिए चौकीदार और साफ-सफाई के लिए कर्मचारी तक की तैनाती नहीं की गई है। वहीं आधा दर्जन से अधिक निगम की बसें माइलेज पूरी कर चुकी हैं, बावजूद इसके रूटों पर भेजी जा रही हैं।
बस डिपो में बस चालकों, परिचालकों, कार्यालय स्टाफ कर्मियों, इंस्पेक्टरों, स्टोर कीपरों, चौकीदारों और सफाई कर्मियों के पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में निगम के कर्मचारियों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कर्मचारियों को जहां तय समय से अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है, वहीं निगम के कर्मचारियों को अवकाश भी नहीं मिल रहे हैं।
कार्यालय में हेड मैकेनिक, स्टोर कीपर, लेखा पाल सहित अन्य पद बीते चार वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं। जिले में वर्तमान समय में 4 ही इंस्पेक्टर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 पद स्वीकृत हैं। इस डिपो में 132 चालक दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 165 चालकों की जरूरत है। वर्तमान समय में 129 परिचालक है, जबकि 160 पद स्वीकृत हैं। वर्कशॉप में 140 कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं और वर्तमान समय में वर्कशॉप में 27 कर्मचारी ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कार्यालय स्टाफ के 65 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में 6 कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं।
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने माना कि डिपो में चालकों, परिचालकों सहित कई अन्य स्टाफ की कमी से दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने बताया कि समय-समय पर उच्च अधिकारियों से रिक्त पदों को लेकर पत्राचार किया जा रहा है।