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जब सुविधाएं ही नहीं, तो वोट क्यों दें

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अमर उजाला ब्यूरो

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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की भारत-तिब्ब्त सीमा पर स्थित आखिरी गांव कुन्नू चारंग के ग्रामीणों ने इस बार लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। कुन्नू चारंग के 30 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर ज्ञापन को ग्राम पंचायत प्रधान पूरन सिंह की अध्यक्षता में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर को भेजा है।
ग्राम पंचायत कुन्नू चारंग के प्रधान पूरन सिंह नेगी ने कहा कि कुन्नू चारंग में संचार सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली और शिक्षा सहित अन्य कई सुविधाएं चरमराई हुई हैं। वे आज भी गुलामी जैसा जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। सरकार और प्रशासन से सिर्फ आश्वासन ही मिले। बीते नवंबर माह से सड़क दुरुस्त न होने पर लोगों को बस की सुविधा नहीं मिल रही है। गांव में बार-बार बिजली कट लगने से ग्रामीण काफी परेशानियां झेल रहे हैं। अधिशासी अभियंता आईपीएच विभाग पूह मंडल को कई बार लिखित और जनमंच के माध्यम से पानी की समस्याओं से अवगत करवाया, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। ऐसे में अब विभिन्न समस्याओं को लेेकर ग्रामीणों ने ग्राम सभा बुलाकर आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने प्रस्ताव पास कर उपायुक्त किन्नौर को भेजा है।
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इस बैठक में अजय कुमार, सुशील कुमार, मेजर सिंह, बिमल देवी, यनते जंमो, महेंद्र सिंह, रोशन लाल, प्रदीप कुमार, कर्म चंद, राकेश कुमार, अमित कुमार, गुलशन नंदा, अशोक कुमार, चैन सिंह डोलमा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधीश किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि अभी तक यह मामला संज्ञान मेें नहीं आया है। इस विषय पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुन्नू चारंग के लोगों से बातचीत करने के बाद उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा।
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वहीं इस संबंध में बीएसएनएल रिकांगपिओ के अधिशासी अभियंता गुरुदयाल नेगी के अनुसार बीएसएनल का टावर लगाने के लिए केंद्रीय सरकार को सूचित किया गया है। केंद्र से आदेश होते ही चारंग में बीएसएनल का टावर स्थापित किया जाएगा।

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