ब्रौ (रामपुर बुशहर)। फरवरी माह से बाधित वजीर-बावड़ी-निरमंड सड़क बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए अभी भी बहाल नहीं हो पाई है। बीते एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी निरमंड तहसील की हजारों की आबादी को राहत नहीं मिल पाई है। यहां पहाड़ी से बार-बार चट्टानें खिसकने और भूस्खलन के कारण मार्ग बहाल करना भी खतरे से खाली नहीं है।
निरमंड खंड की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को लाभान्वित करने वाली वजीर बावड़ी-निरमंड सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। फरवरी माह में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से इस मुख्य मार्ग को क्षति पहुंची थी और मार्ग पर लगे डंगे ध्वस्त हो गए थे। क्षेत्र के हजारों ग्रामीण इसी मार्ग से खाद्य एवं अन्य सामग्री ग्रामीण इलाकों में पहुंचाते हैं।
उक्त मार्ग के बंद होने के कारण निरमंड तहसील की 26 पंचायतों के हजारों लोगों को वाया दत्तनगर होकर रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। यात्रियों को अतिरिक्त सफर और ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। निरमंड से रामपुर पहुंचने के लिए यात्रियों को 21 रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। वहीं वाया वजीर बावड़ी जहां किराया 34 रुपये है वहीं अब यात्रियों को 55 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
क्षेत्र के देवकी नंद, संजीव, महेश कुमार, राकेश, पूर्ण चंद, दिनेश कुमार, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों के अनुसार बड़े वाहनों के लिए सड़क बहाल न होने के कारण हजारों ग्रामीण परेशानियां झेल रहे हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने की मांग की है।
वहीं इस संबंध में लोक निर्माण विभाग ब्रौ के एसडीओ राजेश शर्मा के अनुसार 14 अप्रैल तक बाधित मार्ग को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाएगा। भूस्खलन से मार्ग पर काफी डंगे ध्वस्त हो गए हैं, जिन्हें फिर से बनाने मेें समय लग रहा है।
पहाड़ी से बार-बार भूस्खलन हो रहा है, जिसके कारण मार्ग बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक तौर पर डंगे लगाए जा रहे हैं। आचार संहिता हटते ही मार्ग को दुरुस्त करने के लिए नए सिरे से कार्य शुरू किया जाएगा।