ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। नेशनल हाईवे के विस्तारीकरण के चल रहे काम से निकल रहा मलबा सीधे नदी-नालों में ठिकाने लगाया जा रहा है। झाकड़ी से किन्नौर की ओर हाईवे का विस्तार करने वाली कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर मलबा को सतलुज नदी और साथ लगते नालों में डंप कर रही हैं। विस्तारीकरण के कार्य के दौरान चट्टानों को ब्लास्ट कर टूट रहे पत्थरों और मिट्टी से खड्डों का पानी जानवरों के पीने के लायक नहीं रह गया है।
क्षेत्र के गोपाल सिंह, मदन चौहान, राजकुमार, मोहन लाल, चंद्रकांत, सुंदर सिंह, बलबीर, विनोद, संतोष और अरुण का कहना है कि नेशनल हाईवे को चौड़ा करने में लगी कंपनियां पर्यावरण के नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। मलबेे को दूर खुले स्थान में न डाल कर हर कहीं नदी और नालों में डाल रहे हैं, जिस कारण सड़क से नीचे का जंगल भी बर्बाद हो रहे हैं। ब्लास्टिंग के जहर वाले पत्थर जलजीवों की मौत का कारण बन रहे हैं। मंगलाड के आसपास सारा मलबा सीधे सतलुज नदी और मंगलाड खड्ड में डाला जा रहा है। इस पर्यावरण विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र शांडिल के अनुसार इस संबंध में रामपुर से जेई को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।