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महिला सशक्तीकरण के लिए समाज को बदलनी होगी सोच

Tue, 09 Apr 2019 10:44 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठियोग (रामपुर बुशहर)
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- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग में अपराजिता-100 मिलिन्यस स्माइल्स कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। जेएनवी प्राचार्य सुमन कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। देश में आज बेटियां पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी जागरूक किया।
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दसवी कक्षा की छात्रा रीचा कुमारी ने मंच पर महिलाओं को लेकर देश में चल रही सुरक्षा व्यवस्था पर भाषण दिया। बारहवीं कक्षा की छात्रा नीरजा ने कविता से वाहवाही बटोरी। इसके अलावा छात्रा शरोपिता, अनुषा और प्रियांशु ने कविताओं के माध्यम से महिला सशक्तीकरण पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान सातवीं कक्षा की टीम ने लघु नाटिका के माध्यम से बताया गया कि किसी जमाने में छात्राओं को पढ़ाया नही जाता था। गरीब घर की लड़की की छोटी उम्र में ही शादी कर दी जाती है। लेकिन वो हिम्मत नहीं हारती और पढ़ाई जारी रखकर बैंक में अफसर बन जाती हैं। लघु नाटिका को काफी सराहा गया। इस मौके पर 136 छात्राओं के शपथ पत्र भरे गए।
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श्रेया ने बताया किसी महिला की सफलता से दूसरी महिलाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने में अच्छी पहल है।

विद्यालय की प्रियांशु ने बताया की अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में जो जानकारी उन्हें मिली है। उस जानकारी को अपने आसपास की महिलाओं के साथ भी बांटेंगी। ताकि वो जागरूक हो सकें।

अनुषा ने बताया कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अमर उजाला के कार्यक्रम में उन्हें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। यह अमर उजाला की सराहनीय पहल है।

प्रधानाचार्य सुमन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी होने चाहिए। वहीं विद्यालय के प्राध्यापक योगेश कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजन करने से महिलाओं के अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिलेगी।
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