ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी में किसान संघर्ष समिति के तत्वाधान में बुधवार को बागवानों की बैठक आढ़तियों की ओर से सेब उत्पादकों के सेब की बिक्री के पैसे न देने के संदर्भ में आगामी रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता ठियोग के विधायक एवं किसान नेता राकेश सिंघा ने की।
इस दौरान बैठक में मौजूद छह पंचायतों के बागवानों को संबोधित करते हुए कहा कि शिमला के सेब बाहुल क्षेत्रों के कुछ आढ़तियों ने बीते 4 वर्षों से बागवानों को सेब की बिक्री के पैसे नहीं दिए हैं। अभी तक पैसे न देने और पैसा मांगने पर आढ़तियों की ओर से धमकाने के करीब 60 केस दर्ज हो चुके हैं। बागवानों के करोड़ों रुपये आढ़तियों ने दबा रखे हैं। आढ़तियों ने नियमानुसार कार्य नहीं किया और न ही मार्केट बोर्ड और मार्केट कमेटी ने अपना कार्य ठीक तरह किया है। मार्केट कमेटी के कारोबार के सिद्धांत आज किसान के पक्ष के नहीं है।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि 22 अप्रैल को शिमला में एपीएमसी के खिलाफ ननखड़ी से 200 बागवान धरने में शामिल होंगे। वहीं बैठक में किसान संघर्ष समिति ननखड़ी की एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें राजन को कमेटी का समन्वयक, फकीर चंद और सतीश को सह समन्वयक चुना गया। किसान संघर्ष समिति की आगामी बैठक 9 अप्रैल को ननखड़ी में आयोजित होगी।
वहीं इस मौके पर विवेक कश्यप, कपिल, राजेश खूंद, दयाल सिंह, ओम प्रकाश भारती, कपूर सिंह, राजेंद्र मेहता, चेतराम मेहता, अमर सिंह, सतीश, रविकांत, राकेश, सुमन मेहता, परवीन, सुनील कुमार, मनमोहन, प्रेम सिंह, किरपा राम, चेत राम खूंद, फकीर चंद, राकेश ठाकुर, जीवन सिंह, संजू मेहता, कृष्ण लाल, राजन मेहता, खेम मेहता और रमेश मेहता सहित कई अन्य बागवान मौजूद रहे।