नेरवा। बीते रविवार शाम को उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर मीनस पुल के पास कार हादसे में सवार कालसी थाना पुलिस के एक सिपाही और उसके दूसरे साथी ग्रामीण का दूसरे दिन भी सुराग नहीं मिला। एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें दो दिनों से लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड के कालसी थाना से सिपाही धर्मेंद्र राठी (35) पुत्र जगमेर राठी की ड्यूटी उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर मीनस पुल चैक पोस्ट में लगी थी। रविवार शाम को आसोई से मीनस की ओर जा रही कार अनियंत्रित होकर करीब तीन सौ मीटर नीचे टौंस नदी में समा गई। हादसे में कार सवार कालसी थाना पुलिस का सिपाही धर्मेंद्र राठी और बायला-चकराता निवासी बलबीर सिंह (32) पुत्र नागचंद टौंस नदी के तेज बहाव में लापता हो गए। कार सवार रमेश सिंह निवासी आसोई और बॉबी ने मुश्किल से नदी में तैर कर अपनी जान बचाई। सूचना के बाद सीओ विकासनगर भूपेंद्र सिंह धोनी, थाना अध्यक्ष कालसी विपिन बहुगुणा, थाना अध्यक्ष त्यूणी बीएल भारती एनडीआरएफ टीम के साथ मौके पर हैं।
सीओ विकासनगर बीएस धोनी ने बताया कि नदी का बहाव तेज होने की वजह से लापता सिपाही और एक अन्य ग्रामीण का कहीं कोई पता नहीं चल पाया। टौंस नदी में उतरी एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों ने घटनास्थल के पास लापता लोगों की काफी तलाश की। हालांकि नदी के तेज बहाव की वजह से कार का पता नहीं चल पाया है। एसडीआरएफ की दो टीमें, थाना पुलिस और स्थानीय लोगों का संयुक्त तलाशी अभियान जारी है।