आनी (कुल्लू)। आनी खंड की तीन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली डेढ़ करोड़ की लागत से बनी रिश्ता-मिश्ता उठाऊ पेयजल योजना ग्रामीणों के लिए कारगर साबित नहीं हो रही है। यह पेयजल योजना सर्दियों के मौसम में दम तोड़ती है। ऐसे में क्षेत्र के हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।
नवंबर 2013 को इस उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया गया। ग्रामीणों के अनुसार जबसे योजना शुरू की गई तबसे यह योजना बार-बार हांफ रही है। इस योजना की पाइप लाइनों को सही तरीके से नहीं बिछाया गया है। कई जगह पर पाइप लीक हो रहे हैं, तो कई स्थानों पर मुख्य लाइनों से टी जोड़ी गई है। ग्रामीणों के विरोध के बाद विभाग ने आनन-फानन में लाइनों को दुरुस्त करने का आश्वासन देता रहा, लेकिन समस्या बरकरार है।
ग्रामीणों के अनुसार कराणा और कुंगश पंचायत के गांवों के लिए बनी योजना सिर्फ गर्मियों के मौसम में ही चलाई जाती है। इस योजना को खनाग क्षेत्र के लोहाल नाले से उठाया गया है, जो काफी सर्द क्षेत्र है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में इस योजना की पाइपें जम जाती हैं। बर्फ पिघलने तक आईपीएच विभाग इस योजना को पूरी साल भर चलाने में नाकाम साबित हो रहा है।
संघर्ष समिति कराणा अध्यक्ष निकाराम ठाकुर, एचके शर्मा, देवेंद्र शर्मा, शेर सिंह बादल, मोलक राज, संदीप और दिनेश कुमार सहित अन्य के अनुसार उनके गांव को इस योजना का पानी साल में एक-दो बार ही पहुंचता है। उन्होंने आईपीएच विभाग से इस योजना को सुचारु रूप से चलाने की मांग की है, जिससे उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। वहीं इस संबंध में आईपीएच आनी के सहायक अभियंता पीसी भारद्वाज के अनुसार विभाग ने ठेकेदार को इस योजना को चलाने का काम दिया है। यदि ग्रामीणों को समस्या आ रही है तो जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।