रोहड़ू। वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा प्राप्त रनोल स्कूल के पास अपना भवन तक नहीं है। स्कूल की कक्षाएं एक स्थानीय व्यक्ति के मकान में चल रही हैं। हालांकि जिस निजी मकान में कक्षाएं चलाई जा रही हैं, उसकी हालत भी काफी खराब है। छात्रों के पास खेल मैदान की भी कोई सुविधा नहीं है।
वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रनोल के भवन को एक साल पहले शिक्षा विभाग की ओर से जर्जर घोषित कर गिरा दिया गया था। स्कूल का नया भवन प्रस्तावित है। लेकिन स्कूल भवन निर्माण की योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई है। आलम यह है कि स्कूल भवन के अभाव में कक्षाएं एक निजी मकान में चल रही हैं। जिस मकान में कक्षाएं चलाई जा रही हैं, उसकी हालत खराब है। कमरों में खिड़कियां तो बनाई गई हैं, लेकिन उनमें शीशे नहीं लगे हैं। सिर के ऊपर छत तो है लेकिन सीलिंग नहीं लगाई गई है। खराब मौसम में तेज हवाएं चलने पर कक्षाओं में बच्चे ठंड से ठिठुरते रहते हैं। छात्रों के लिए खेल मैदान तक की सुविधा स्कूल में उपलब्ध नहीं है। स्कूल में पहले ही शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। छात्र स्कूल से पलायन करने के लिए मजबूर हैं।
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लायक राम मेहता के अनुसार स्कूल का भवन एक साल पहले गिरा दिया गया है। नए स्कूल भवन का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन स्कूल भवन का निर्माण कागजों में सिमट गया है। स्कूल की कक्षाएं एक निजी मकान में चल रही हैं। कक्षाओं की खिड़कियों में न तो शीशे लगे हैं और न ही छत की सीलिंग लगी है। इस संबंध में प्रबंधन समिति विभाग के उच्च अधिकारियों से भी मिल चुकी है लेकिन मामले की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रनोल के प्रधानाचार्य तुला राम ने माना कि स्कूल भवन के अभाव में कक्षाएं निजी मकान में चलाई जा रही हैं। नए स्कूल का भवन प्रस्तावित है।