रामपुर बुशहर। 1500 मेगावाट झाकड़ी परियोजना ने राजकीय वरिष्ठ उच्च विद्यालय दोफदा में समाज और महिला सशक्तीकरण विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने महिला सशक्तीकरण पर बल दिया। प्रतिभागियों ने बताया कि जिम्मेवारियों का बोझ जब परिवार पर पड़ा तो, ऑटो, रिक्शा चलानेे लगी बेटियां, साहस के साथ अंतरिक्ष भी भेद दिया, सुना है वायुयान भी उड़ाने लगी बेटियां, उक्त पंक्तियों के साथ वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं आज के युग में वैसे भी सशक्त हैं, उन्हें केवल समाज में प्यार, प्रोत्साहन एवं सहानुभूति की आवश्यकता है।
आज महिलाएं कदम से कदम मिलाकर पुरुषों का मुकाबला कर रही हैं। उन्होंने कई सशक्त महिलाओं जैसे इंदिरा गांधी, कल्पना चावला और किरण बेेदी जैसी महान हस्तियों के उदाहरण भी दिए। जहां नारी की पूजा होती है, वहीं, देवता निवास करते हैं। प्रतियोगिता में दीपा ने पहले स्थान पर बाजी मारी। सिमरन ने दूसरा और साक्षी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। निताशा और अलोक को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।
इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक चंद्रकांत पाराशर ने कहा कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को एक मंच प्रदान करना भी है। वहीं स्कूल के मुख्य अध्यापक शमीर सिंह राणा ने निगम प्रबंधन का विद्यालय में प्रतियोगिता के आयोजन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय, तृतीय और दो सांत्वना पुरस्कार निगम की ओर से प्रतिभागियों उपहार स्वरूप प्रदान किए गए।