फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम पर ब्लॉक कांग्रस ने उठाए सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

रामपुर बुशहर। रामपुर कॉलेज सभागार में बीते दिनों हुए शहीदी दिवस कार्यक्रम का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एनएसयूआई और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह मेहता ने वीरवार को एसडीएम रामपुर को ज्ञापन सौंप कर कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और एबीवीपी के कार्यकर्ता वाहनों में हथियार लेकर घूम रहे हैं और क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं एनएसयूआई और एसएफआई के कार्यकर्ताओं को डराया और धमकाया जा रहा है।

एनएसयूआई और ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी ने उपमंडलाधिकारी के समक्ष अपनी बात रखते हुए बताया कि रामपुर महाविद्यालय को आरएसएस का अड्डा बनाने की कोशिश की जा रही है। आचार संहिता लागू होने के बाद भी कैसे किसी संस्था को कार्यक्रम करने की इजाजत दी गई और यदि दी भी गई तो उसकी वीडियोग्राफी क्यों नहीं करवाई गई।
विज्ञापन


जिससे साफ है कि कॉलेज प्रशासन ने सभागार में कार्यक्रम करवाने की अनुमति देने में सभी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया है जबकि कोई एसोसिएशन सभागार में कार्यक्रम करवाती है तो उससे नियमों के मुताबिक 20,000 रुपये लिए जाते हैं और निजी संस्था से इसके लिए 25 हजार रुपये वसूले जाते हैं। जिसमें कार्यक्रम के बाद वापस की जाने वाली राशि भी शामिल होती है। जब इस कार्यक्रम का छात्र संगठनों ने विरोध किया तो आरएसएस और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध करने वाले छात्रों पर हमला करने की कोशिश की।

इस अवसर पर खेल चंद नेगी, त्रिलोक भलूनी, ध्रुव शर्मा, बहादुर सिंह मेहता, डीडी कश्यप, पंकज बराड़, सतपाल मेहता, पदमा देवी, राहुल सोनी, शालू, संतोष कायथ, हिमांशु, देव ठाकुर, कुलदीप नेगी, सुदेश कायथ, विशाल मेहता, सोनू भलूनी, जतिन मेहता, पवन हुड्डन, बसंत राम, पवन चौहान, महेंद्र ठाकुर, सोहन लाल वर्मा, कमल चाई, चुनी लाल, मोहन लाल भाटिया, सेवा राम, पूर्ण सौहटा, रोशन लाल, सूरज और शोभा राम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन


उधर, उपमंडलाधिकारी रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि प्रशासन ने इस मामले में बराबर नजर रखी हुए है। कोई अशांति फैलाने की कोशिश करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें