ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग कॉलेज में एसएफआई इकाई के 19वें सम्मेलन मेें कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। सम्मेलन का शुभारंभ शिमला जिला के अध्यक्ष रमन थारटा ने किया। इस दौरान इकाई सचिव आशीष वेक्टा वर्ष भर की राजनीतिक संगठनात्मक रिपोर्ट पेश की। सम्मेलन में 25 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अश्वनी लेप्टा को अध्यक्ष और संदीप को सचिव का कार्यभार सौंपा गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष रमन थारटा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में देश में पिछले पांच सालों में केंद्र सरकार ने पूरे देश में नवउदारवाद की नीतियों को लागू करने का काम किया है। इसके चलते शिक्षा के व्यापारीकरण को बढ़ावा मिला है। शिक्षा के बजट में भारी कटौती कर सरकारी शिक्षण संस्थानों को खत्म किया जा रहा है, जिसके कारण मजदूर, किसान और आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है।
इकाई के लोकल कमेटी उपाध्यक्ष अरुण चंदेल ने कहा कि संगठन को मजबूत करते हुए देश और प्रदेश की सरकारों की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ छात्रों को लामबंद करना होगा और एक मजबूत आंदोलन बनाते हुए सरकारी शिक्षा को बचाने की जरूरत है। सम्मेलन में इकाई ने यह निर्णय लिया है कि महाविद्यालय की मूलभूत जरूरत की लड़ाई लड़ते हुए प्रदेश सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ छात्राओं को लामबंद करेंगे।
वहीं सम्मेलन में गठित 25 सदस्यीय कमेटी में बीना, रचना, साक्षी शर्मा, सरोज, रितिका, कौशल्या, जगदीश, योगेंद्र, पवन, अभिषेक, जोगेंद्र, राहुल, विपुल, वर्षा, जितेंद्र, दलीप, अमन, निक्की, अक्षय, समीक्षा और सनी को सदस्य चुना गया। इस मौके पर लोकल कमेटी के सचिव पंकज वर्मा, अध्यक्ष आशीष वर्मा और उपाध्यक्ष शिखा वर्मा सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।