कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। आगामी 22 अप्रैल को किसान संघर्ष समिति एपीएमसी शिमला के कार्यालय पर धरना देगी। यह धरना आढ़तियों द्वारा सेब उत्पादकों को उनके सेब की बिक्री का पैसा समय पर नहीं देने और एपीएमसी के नकारात्मक रवैये के विरोध में किया जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर नारकंडा में समिति की बैठक आयोजित हुई।
किसान संघर्ष समिति ने कहा कि इलाके के किसानों का करोड़ों रुपये एपीएमसी के नकारात्मक रवैये के चलते आढ़ती डकार गए हैं, जिसके खिलाफ किसानों और बागवानों में काफी रोष है। किसानों के भारी दबाव के चलते और आढ़तियों द्वारा की गई हेराफेरी के विरोध में किसान संघर्ष समिति में शामिल किसानों ने इसकी एफआईआर दर्ज करवाई।
हिमाचल विधानसभा में किसान नेता और ठियोग के सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा ने इसे उठाया। कड़े संघर्ष के बाद कुछ बागवानों को हाल ही में करीब 16 लाख की अदायगी की गई। जबकि उनकी कुल रकम 24 लाख के करीब है। आगामी दिनों में प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर किसान संघर्ष समिति की बैठक कर अपना कुनबा बढ़ाएगी। इसी कड़ी में 24 मार्च को कोटखाई में बैठक का आयोजन किया जाएगा।
2 अप्रैल को ठियोग, 3 अप्रैल ननखड़ी, 7 अप्रैल को जुब्बल, 8 अप्रैल को टिक्कर, 9 अप्रैल को रोहड़ू, 10 अप्रैल को नारकंडा, 12 अप्रैल को रामपुर, 15 अप्रैल को आनी और 18 अप्रैल को निरमंड में किसान-बागवानों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर ठियोग के विधायक राकेश सिंघा, किसान नेता ओंकार शाद और संजय चौहान सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।