भरमेली, कींप और जौ से महादेव
बनाकर की जाती है पूजा अर्चना
रोहड़ू में पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है शिवरात्रि पर्व
पहाड़ी व्यंजनों का महादेव को लगाया जाता है भोग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। पहाड़ी क्षेत्र में शिवरात्रि पर्व पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। सोमवार चार मार्च को शिवरात्रि पर क्षेत्र के हर घर में पारंपरिक ढंग से महादेव बनाकर पूजा अर्चना की जाएगी। विभिन्न पहाड़ी व्यंजनों को तैयार कर उसका भोग महादेव को लगाया जाएगा। इस पर्व के लिए लोग काफी समय पहले तैयारियां शुरू कर देते हैं।
क्षेत्र में लोग आज भी शिवरात्रि पर महादेव को पारंपरिक ढंग से भरमेली, कींप और जौ से बनाते हैं। घर के किसी कमरे में पूजा अर्चना के लिए महादेव को स्थापित किया जाता है। उसके बाद पारंपरिक ढंग से तैयार महादेव को विभिन्न पहाड़ी व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। पहाड़ी व्यंजनों को महिलाएं तैयार करती हैं। रात को आरती के समय महादेव की पूजा-अर्चना होती है। शिव की स्तुति के साथ ही लोग अपने व्रत को तोड़ते हैं। इस संबंध में शिव शक्ति धाम रोहड़ू के संस्थापक जोगिंद्र पाल ने बताया कि क्षेत्र में शिवरात्रि पर्व को पारंपरिक ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भरमेली, कींप और जौ से महादेव बनाकर उसकी पूजा-अर्चना रात भर की जाती है। शिवरात्रि के दूसरे दिन महादेव को घर के बाहर एक सुरक्षित कोने में रखा जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में सदियों से चली आ रही है। शिव मंदिर रोहड़ू में शिवरात्रि को रूद्र अभिषेक किया जाएगा।