कांगड़ा के जवान का मिला मोबाइल, सर्च ऑपरेशन जारी
20 फरवरी को डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए हैं पांच जवान
सैकड़ों जवान, ग्लेशियर एक्सपर्ट टीमों को भी नहीं मिल रही सफलता
नौवें दिन ग्रेफ की अतिरिक्त मशीनें भी सर्च ऑपरेशन में जुटीं
भारी भरकम हिमखंड की चपेट में आए हैं सेना के पांच जवान
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला/ रिकांगपिओ(किन्नौर)। बीती 20 फरवरी को नमज्ञा पंचायत के डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए भारतीय सेना के जवानों का नौवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि सर्च ऑपरेशन के दौरान कांगड़ा के जवान नीतिन राणा का मोबाइल मिला है, लेकिन भारी बर्फबारी और फिर से हिमखंड गिरने के कारण डोगरी नाले में भारी बर्फ जमी है, जिस कारण लापता जवानों को तलाशना काफी मुश्किल हो गया है। सेना और आईटीबीपी के 300 से अधिक जवान हिमखंड में लापता हुए पांच जवानों की तलाश में जुटे हुए हैं। वीरवार को डीआरडीओ दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने भी इस अभियान में भाग लिया। वीरवार से ग्रेफ की अतिरिक्त मशीनें भी सर्च ऑपरेशन में इस्तेमाल की गईं।
किन्नौर जिले की नमज्ञा पंचायत के डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए जवानों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया। नौवें दिन वीरवार को सुबह सात बजे सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा। दिल्ली से आए डीआरडीओ का वैज्ञानिक दल और एक अतिरिक्त स्नेफर डॉग भी लापता जवानों को तलाश करने में जुटा रहा।
मौके पर इंजीनियर्स फोर्स, सीमा सड़क संगठन, डोगरा स्काउट, जेके राइफल्स, रडार टीम, डॉग स्क्वॉड और लद्दाख से पहुंची ग्लेशियर सर्च टीमें लापता जवानों को तलाशने में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से सेना द्वारा पूरा संचालन नियंत्रित किया गया है। लापता जवानों को तलाशने के लिए उन्नत उपकरण, चैन, आरी, मेटल डिटेक्टर, आइस कट्टर और थर्मल सेंसर का उपयोग भी किया जा रहा है। वीरवार को नमज्ञा गांव के ग्रामीणों ने भी सर्च ऑपरेशन में सहयोग किया।
एडीएम पूह शिवमोहन सेनी बताया कि डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए जवानों का आठवें दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। सेना, सीमा सड़क संगठन के जवान और आईटीबीपी के जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने बताया कि वीरवार को मौसम बार-बार खराब और बर्फबारी होने के चलते रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया है। शुक्रवार को मौसम साफ रहने पर फिर से जवानों को तलाश करने का अभियान जारी रहेगा अभी तक पांच जवानों को कोई पता नहीं चल पाया है।