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एसएफआई ने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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अर्द्धसैनिक बल के जवानों को मिले शहीद का दर्जा
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एसएफआई ने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
केंद्र सरकार से विभिन्न मांगें पूरी करने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। देश के अर्द्धसैनिक बल के जवानों को एसएफआई ने केंद्र सरकार से शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है। सोमवार को इकाई ने विभिन्न मांगों को लेकर कॉलेज परिसर से होकर एनएच पांच पर रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय रामपुर के बाहर प्रदर्शन किया। तत्पश्चात इकाई ने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा।
एसएफआई लोकल कमेटी रामपुर अध्यक्ष नेहा ने कहा कि देश के अंदर अर्द्धसैनिक बल के जो जवान शहीद होते हैं, उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। वहीं सीआरपीएफ को भी पुरानी पेंशन स्कीम के दायरे में लाया जाए। कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमले बंद किए जाएं, डिफेंस के बजट को बढ़ाया जाए और नई तकनीक के हथियार लाए जाएं। इकाई के सचिव राहुल ने कहा कि जो 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ है, वह प्रशासन की अव्यवस्था को सामने लाता है। किस तरह जो सीआरपीएफ का इतना बड़ा जलसा एक साथ चल रहा था। उसके बावजूद वहां आतंकी हमला हुआ है। मोदी सरकार की यह नाकामी है कि कश्मीर के अंदर सबसे ज्यादा खुफिया एजेंसी होने के बावजूद इतना बड़ा हमला पुलवामा के अंदर हुआ है।
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एसएफआई ने मांग की है कि सीआरपीएफ के सभी शहीद जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। सैनिकों को भी पुरानी पेंशन स्कीम के दायरे में लाया जाए और कश्मीरी छात्रों पर हमले बंद किए जाए। इस मौके पर नेहा, मोहित, राहुल, राजीव, अंकिता, स्वीटि, पूनम, शोभा, साहिल, यश, मोनिका, सनी, संजू, अरुण, अमित, श्वेता, हनी, हिमांशु, रजनी, बबीता, प्रतिभा, तनु और गुंजन सहित अन्य मौजूद रहे।
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