डुमैहर में सड़क के साथ सटे सेब के बगीचों को खतरा
डुमैहर निवासी आरएल जस्टा ने उठाई दीवारें लगाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कोटखाई। डुमैहर गांव के आरएल जस्टा ने मांग उठाई है कि ठियोग-हाटकोटी मुख्य सड़क के साथ सटे सेब के बगीचों को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जाए। इस संबंध में उन्होंने एनएच को लिखित मांग पत्र भी भेजा है। इसकेबाद एनएच ने मौके का निरीक्षण कर शीघ्र ही दीवारों का एस्टिमेट बनाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि डुमैहर में सड़क निर्माण के दौरान भूमि कटाव तो किया गया, लेकिन भूमि कटान के बाद कंपनी ने दीवारें सही ढंग से नहीं लगाईं। इस कारण सड़क के ऊपर की ओर स्थित बगीचों में दरारे आ गई हैं और लगातार भूस्खलन हो रहा है। बगीचे टूट रहे हैं। उन्होंने बताया कि सही ढंग से दीवारें न लग पाने के कारण कई लोगों के बगीचों को खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में एनएच को लिखित में माग पत्र 18 फरवरी को दिया गया है। उन्होंने मांग उठाई है कि दीवारों का एस्टिमेट बनने तक भूस्खलन को रोकने के लिए कोई अस्थायी प्रबंध किया जाए, ताकि लोगों के बगीचे बच सकें।
एनएच के अधिशासी अभियंता आयूब चौधरी ने बताया कि शिकायत उन्हें मिली है। सहायक अभियंता को मौके पर निरीक्षण तक दीवारों का एस्टिमेट बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही एस्टिमेट बनाकर मौके पर दीवारें लगा दी जाएगी।