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एनएच-5 पर दरकी पहाड़ी, सैकड़ों वाहन फंसे, खेत और बगीचे तबाह

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अमर उजाला ब्यूरो

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भावानगर (किन्नौर)।
नाथपा के पास एनएच-5 फिर बंद हो गया है। यहां पहाड़ी लगातार दरक रही है। भारी चट्टानें गिरने से सड़क बंद हो गई है। इससे सैकड़ों वाहन यहां फंस गए हैं। शिमला और किन्नौर के वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। पहाड़ी के मलबे से लोगों के खेत और बगीचों को भारी नुकसान हुआ है। सोमवार रात करीब नौ बजे पहाड़ी से मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई। यहां एनएच को चौड़ा करने के लिए ब्लास्टिंग चल रही है। इससे लगातार भूस्खलन हो रहा है।
कई लोगों के खेत खिसकने शुरू हो गए हैं। ग्रांगे निवासी रिंज लाल और अशोक के खेत और बागीचे भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। दोनों को लाखों का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से रविवार रात को लोगों को चेतावनी देने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। यहां से स्पीति और किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों को जाने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। चीन की सीमा होने के कारण सामरिक दृष्टि में महत्वपूर्ण इस मार्ग से होते हुए सेना के कई वाहन हर रोज आवाजाही करते हैं। सोमवार रात नौ बजे सैकड़ों वाहन यहां फंसे हुए हैं। हाईवे से मलबा सीधे नाथपा-झाकड़ी परियोजना के बांध स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर गिर रहा है। इससे बांध स्थल पर ड्यूटी देने जाने वाले कर्मचारी सहम गए हैं। संजय परियोजना और 66 केवी स्टेशन में ड्यूटी पर जाने वाले बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी जान जोखिम में डाल कर सतलुज नदी को पार करते हुए जाना पड़ रहा है।
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सोमवार दोपहर दो बजे बहाल हुई थी सड़क
रविवार देर रात नाथपा में पहाड़ी से भारी चट्टानें खिसकने के कारण हाईवे बंद हो गया था। इसे हाईवे प्राधिकरण ने सोमवार दोपहर करीब दो बजे बहाल भी कर दिया लेकिन रात नौ बजे सड़क फिर से बंद हो गई है।

एनएच प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता पीसी नेगी ने कहा मार्ग बहाल करने के लिए एनएच के दोनों ओर मशीनरी लगा दी गई है। पहाड़ी से लगातर पत्थर खिसकने के कारण एनएच को बहाल करने में परेशानी हो रही है।
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एनएच के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने कहा कि कंपनी को कंट्रोल ब्लास्टिंग करने की हिदायत दी जाएगी। जिस प्वाइंट पर भूस्खलन हो रहा है। वहां क्रेटवॉल लगाई जाएगी। ताकि, पहाड़ी से भूस्खलन न हो।

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