सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद अभी तक जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बर्फबारी हुए 15 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के निचार, पूह और कल्पा खंड के अधिकांश ग्रामीण रूट ठप पड़े हुए हैं। बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसों की आवाजाही आधे रास्तों तक हो रही है। ऐसे में जिले के तीनों खंडों की 65 पंचायतों के हजारों लोग परेशानियां झेलने के लिए मजबूर हैं।
जिले के बड़ा कंबा, पूर्वणी, बारंग, पांगी, कल्पा, रोघी, कुन्नौचारंग, छितकुल, लिप्पा, आसरंग, हांगो, समदू, नेसंग, निचार, बरी, रोपा, काफनू, यांगपा, कटगांव, कानम, रक्षम, बटसेरी, रल्ली, कानम, मूरंग, रिब्बा, रिस्पा, सुमरा और शलखर सहित जिले के अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते वाहनों के पहिये थमे हुए हैं। आधा दर्जन से ग्रामीणों रूटों पर आधे रास्ते तक निगम की बसों को भेजा जा रहा है। मंगलवार को रिकांगपिओ से काजा की ओर निगम की बसों की आवाजाही हुई। रिकांगपिओ से रामपुर और शिमला की तरफ भी बसें भेजी जा रही हैं।
वहीं जलोड़ी जोत में भी भारी हिमपात होने से आउटर सिराज का कुल्लू से संपर्क कटा हुआ है। लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। मंगलवार को ऊपरी शिमला, किन्नौर और आऊटर सिराज में सुबह से ही मौसम खराब बना रहा। ऐसे में फिर से क्षेत्र शीतलहर का प्रकोप जारी है। वहीं इस संबंध में पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने कहा कि सड़कों पर भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते रूट बाधित हो रहे हैं। जहां तक संभव है निगम की बसों को भेजा जा रहा है। मार्ग बहाल होते ही जिले के सभी रूटों पर बसें भेजी जाएंगी, जिससे लोगों को असुविधाएं न हो।