रामपुर बुशहर। सर्वोच्च न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद भी रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे निजी स्कूलों में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन स्कूलों पर कार्रवाई करने में स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। निजी स्कूलों के बच्चों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा वाहनों में न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। यदि ऐसे में कोई हादसा पेश आता है तो उसके लिए सीधे तौर पर कौन जिम्मेवार होगा।
रामपुर क्षेत्र के निजी स्कूलों में लगे वाहनों में ठूंस-ठूंस कर स्कूली बच्चों को भरा जा रहा है। यही नहीं कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाकर सवारियां ढोने वाले वाहनों में स्कूली बच्चों को स्कूल लाया जा रहा है। यही नहीं इन वाहनों में नियमानुसार कैमरे, जीपीआरएस, बसों में छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए अटेंडेंट की तैनाती सहित अन्य आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रदेश में पेश आए कई हादसों के बाद भी रामपुर क्षेत्र के निजी स्कूल छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे। विभाग को भी इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि नियमों को दरकिनार करने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसा जा सके।
बुधवार को डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने दत्तनगर स्थित एक निजी स्कूल के बच्चों से भरे एक वाहन को पकड़ा। यात्री ढोने के इस वाहन में नियमों को ताक पर रखकर स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा था। पुलिस ने संबंधित वाहन का चालान काटकर भविष्य में स्कूली बच्चों को न लाने की हिदायत दी है।
डीएसपी अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि पुलिस नियमों को दरकिनार करने वाले स्कूलों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने निजी स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए आदेशों का सख्ती से पालन करें।