रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद के कांग्रेस समर्थित पार्षद दीपक सूद को उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के मामले में एसडीएम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। मौजूदा समय में नगर परिषद के तीन अन्य पार्षदों पर भी अवैध कब्जे को लेकर सुनवाई चल रही है।
तीन वर्ष पूर्व हुए नगर परिषद के चुनाव के दौरान वार्ड नंबर चार से पार्षद पद के लिए कांग्रेस समर्थित दीपक सूद पर प्रतिद्वंदी हेमंत कश्मीरी ने अवैध कब्जे का आरोप लगाया था और इसकी शिकायत की थी। इसके बाद यह मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा था। राजस्व विभाग की ओर से की गई छानबीन के बाद दीपक सूद की माता के नाम पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है, जो कि दोफदा में किया गया है। नियमों के मुताबिक परिवार के किसी भी सदस्य की ओर से किए गए अवैध कब्जे के दायरे में संबंधित उम्मीदवार को भी लिया जाता है, जिस पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। फैसले के बाद नप के उपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
वहीं नगर परिषद के तीन अन्य पार्षदों पर भी अवैध कब्जों के मामले चल रहे हैं। ऐसे में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। नगर परिषद का अध्यक्ष पद गंवा चुकी मीना कुमारी ने नगर परिषद के तीन पार्षदों पर एसडीएम के समक्ष अवैध कब्जा करने की शिकायत दर्ज की है। इनमें वार्ड तीन की पार्षद चूड़ामणी शर्मा, वार्ड पांच के पार्षद पंकज शर्मा और वार्ड नंबर सात की पार्षद रीता बादल शामिल हैं। इस संबंध में एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग की छानबीन के बाद अवैध कब्जा साबित होने के चलते नप उपाध्यक्ष को पद से हटाया गया है। नगर परिषद के अन्य तीन पार्षदों के खिलाफ भी अवैध कब्जा करने की शिकायत प्राप्त हुई है। इन मामलों में भी कार्रवाई चल रही है। 19 को नए अध्यक्ष पद का चयन होगा।
19 को होगा अध्यक्ष पद का फैसला
19 जनवरी को नगर परिषद के नए अध्यक्ष पद का फैसला होना है। वर्तमान अध्यक्ष मीना कुमारी को इस दिन अपना बहुमत साबित करना होगा।