चिलिंग ऑवर पूरे होने की पूरी संभावना
ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश बनी वरदान
किसान-बागवान बगीचों में खाद डालने में जुटे
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से किसान-बागवान काफी खुश हैं। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार सेब बाहुल क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी बागवानी और कृषि के लिए संजीवनी साबित होगी। अब किसान-बागवान बगीचों में प्रूनिंग, तौलिए और खाद डालने सहित अन्य कार्यों में जुट गए हैं। हालांकि कुछ बागवानों ने बगीचों में पहले ही खाद डाल दी थी और सूखे के चलते उन्हें चिंता सता रही थी कि कहीं उनके पौधों को इससे नुकसान न हो लेकिन अब ताजा हिमपात और बारिश पेड़ों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार इस समय की बर्फबारी और बारिश कृषि एवं बागवानी के लिए वरदान साबित होती है। हिमपात होने से लंबे समय तक खेतों में नमी बरकरार रहेगी। सेब की बेहतर फसल के लिए चिलिंग ऑवर पूरे होने की भी संभावना बढ़ गई है। सूखे केे चलते सेब के पौधों में वूली एफिड और अन्य कीटों के संक्रमण का खतरा मंडराता है। ऐसे में इन दिनों में बर्फबारी और बारिश होना सेब के पौधों को संक्रमण से बचाता है।
सेब बाहुल क्षेत्रों में अब मौसम खुलने के बाद बागवान प्रूनिंग और तौलिए आदि कार्य में जुट गए हैं। सूबे के प्रगतिशील बागवान सुनील चौहान, बीआर भंडारी, अनिल, दयाल, उत्तम कायथ, प्रेम राज, दुष्यंत मेहता, संजीव कुमार, प्रदीप, विजय चौहान, संदेश चौहान, रवि और दीप सिंह सहित अन्य बागवानों के अनुसार लंबे समय से बर्फबारी और बारिश का इंतजार था। सूखे के कारण बगीचों में तौलिए और खाद डालने जैसे कार्य नहीं हो पा रहे थे, लेकिन अब बारिश होने से सभी बागवान कार्यों में जुट गए हैं। वहीं बागवानी विशेषज्ञ के अनुसार इस दौरान होने वाली बर्फबारी और बारिश कृषि-बागवानी के लिए फायदेमंद रहती है। सेब की बेहतर फसल के लिए चिलिंग ऑवर पूरे होने की प्रबल संभावना रहती है। सेब के पौधों में कीटों के संक्रमण का खतरा समाप्त हो जाता है।