रोहड़ू। सेब के बगीचों में काट छांट के बाद बची टहनियों को जलाने से रोकने के लिए प्रशासन से सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। बागवानों को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने सभी पंचायत प्रधानों को निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम रोहड़ू ने बताया कि अब किसी बागवान ने बगीचों में सेब की टहनियां जलाईं तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इन दिनों बगीचों में आग जलाकर सेब की सूखी टहनियां जलाने से चारों तरफ धुआं ही धुंआ फैल रहा है और वातावरण प्रदूषित हो रहा है। जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लोगों को सांस से संबंधित दिक्कतें आ रही हैं और वातावरण पर भी इसके दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। इसलिए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जो बागवान बगीचों में आग जलाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसडीएम रोहड़ू बीआर शर्मा ने पंचायत प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने स्तर पर बैठक आयोजित करें। जिसके माध्यम से किसानों को अपने बगीचों में सेब की सूखी टहनियां, पत्तियों को न जलाने को लेकर प्रेरित करें। आग जलाने से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य को होने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में भी बताएं। उन्होंने बताया कि बागवान अवशिष्ट पदार्थों को जलाने के स्थान पर उनका इस्तेमाल खाद बनाने में भी कर सकते हैं। जिसके बारे में बागवानी विभाग के अधिकारियों को विस्तृत एवं तकनीकी जानकारी देना चाहिए।