रामपुर बुशहर। साढ़े 9 मेगावाट की राजपुरा परियोजना के खिलाफ परियोजना प्रभावित परिवारों ने मोर्चा खोल दिया है। परियोजना में स्थायी रोजगार न देने पर प्रभावित परिवारों ने परियोजना प्रबंधन को चेताया है कि यदि एक सप्ताह में उनकी जायज मांगें नहीं मानी गई तो परियोजना का कार्य बंद करवाने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेवारी स्थानीय प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की होगी। इसी मुद्दे को लेकर वीरवार को विस्थापित परिवारों ने एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान के माध्यम से प्रदेश सरकार, ऊर्जा मंत्री और लेबर कमिश्नर को ज्ञापन भेजकर उचित कार्रवाई अमल में लाने की गुहार लगाई।
ज्ञापन में प्रभावित परिवारों के अनुसार राजपुरा परियोजना सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाने में आनाकानी कर रही है। परियोजना प्रभावितों में जवाहर लाल, शेर सिंह, ईश्वर सिंह, जिया लाल, प्यारे लाल, लायक राम, मोहन सिंह, देवेंद्र सिंह, कौशल्या देवी, नरोत्तम देवी, सुरेखा और जगदीश ने मांग की है कि परियोजना में उनके परिवार से एक सदस्य को स्थायी रोजगार दिया जाए। परियोजना का निर्माण कार्य अप्रैल 2015 से किसी कारण बंद हो गया था। अब हाल ही में परियोजना निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन परियोजना में प्रभावितों को अभी तक रोजगार मुहैया नहीं करवाया गया। हालांकि परियोजना प्रबंधन के साथ एक करारनामा बना था। इसके तहत परियोजना प्रबंधन ने प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को स्थायी रोजगार प्रदान करने को लेकर लिखित रूप में उन्हें दिया था। प्रभावितों ने एसडीएम से इस संबंध में उचित कार्रवाई करनी की मांग उठाई है।
वहीं इस संबंध में राजपुरा परियोजना प्रबंधक विजय कौशल के अनुसार फिलहाल परियोजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होते ही नियमानुसार परियोजना प्रभावितों को रोजगार दिया जाएगा।