...और आधे रास्ते में उतार दीं सवारियां
सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को स्वयं यात्रियों ने किया साफ
रिकांगपिओ से बारंग जा रही सरकारी बस गंतव्य तक नहीं पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। बारंग गांव में गत दिनों रिकांगपिओ से बारंग जा रही बस नंबर एचपी 25-0937 के चालक ने आधे रास्ते में ही यात्रियों को बस से उतार दिया और बस को वापस रिकांगपिओ ले आया। हालांकि बस के परिचालक ने रिकांगपिओ से बारंग के लिए टिकटें भी काट रखी थी।
जानकारी के अनुसार बारंग गांव के बस स्टैंड से डेढ़ किलोमीटर पीछे पुल पर पहुंचने के बाद बस चालक जब वहां से आगे बस ले जाने के लिए आनाकानी करने लगा तो यात्रियों ने स्वयं सड़क पर गिरे हुए मलबे और पत्थरों को हटाया और सड़क को दुरुस्त कर दिया। लेकिन चालक ने बस को आगे ले जाने से इंकार कर दिया। तत्पश्चात यात्रियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक रिकांगपिओ को दूरभाष से बस चालक द्वारा मनमानी ढंग से सवारियों के साथ दुर्व्यवहार करने की सूचना दी। सवारियों को टैक्सी हॉयर कर बारंग गांव पहुंचना पड़ा। वहीं बस चालक दिनेश कुमार के अनुसार बस अड्डे से ही बारंग पुल से आगे जाने के निर्देश नहीं दिए गए थे।
क्षेत्र के सीता राम नेगी, अरूण नेगी, प्यारे लाल, संजीव कुमार, राजेश कुमार नेगी सहित अन्य यात्रियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी चालकों द्वारा सवारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया था। हालांकि उस दिन शोंगठोंग से ईंटों से भरा ट्रक और अन्य बड़ी गाड़ियां भी बारंग के लिए जा रही थी। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक रिकांगपिओ प्रेम कश्यप ने कहा कि इसकी शिकायत मुझे लिखित में मिली है। चालक से इसके बारे में जवाबतलब किया गया है।