टोंगटोंगचे नाले में गंदगी फैला रहे लोग
सांगला में सरकार के 100 दिवसीय एक्शन प्लान ने तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला(किन्नौर)।
प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर पर्यटन स्थल सांगला में कूड़े के ढेर लगे हैं। लोग टोंगटोंगचे नाले में जमकर गंदगी फैला रहे हैं। ऐसे में सांगला आने वाले सैलानियों को स्वागत भी गंदगी से हो रहा है। सरकार के 100 दिवसीय एक्शन प्लान के तहत भी यहां से गंदगी हटती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में एक्शन प्लान की हवा निकल रही है। जिले की हर पंचायत में जहां सफाई अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है, वहीं स्थानीय बाजार सांगला में सफाई व्यवस्था रामभरोसे चल रही है।
सांगला बाजार निजी होटल व्यवसायी, दुकानदारों सहित स्थानीय बाजार के आसपास क्षेत्र के लोग सरेआम नियमों को ताक पर रखकर टोंगटोंगचे नाले में गंदगी फेला रहे हैं। टोंगटोंगचे नाला इन दिनों कूड़े से भरा हुआ है। इसके चलते जहां नाले का पानी दूषित हो रहा है, वहीं क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए न तो पंचायत कुछ कर पाई है और न ही यहां का व्यापार मंडल। व्यापार मंडल सांगला के अध्यक्ष भरत नेगी का कहना है कि सर्दियों में सफाई कर्मचारी के अवकाश पर जाने के कारण सफाई व्यवस्था चरमराई है। सांगला बाजार के साथ लगते रिहायशी मकान मालिक, सरकारी कार्यालयों में तैनात कामकाजी लोग नाले में कचरा फेंक रहे हैं।
गंदगी फेंकने पर होगा जुर्माना : भूपेश
पंचायत उप प्रधान भूपेश नेगी ने कहा कि 14वें वित्तायोग के तहत कूड़ा कचरा ठिकाने के लिए दो लाख रुपये की लागत से एक चिमनी स्थापित की गई है। बावजूद इसके स्थानीय होटल व्यवसायी, दुकानदार और स्थानीय बाजार में रहने वाले लोग नाले में गंदगी डाल रहे हैं। अब इन लोगों के खिलाफ पंचायत अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना करेगी।
कूड़ा संयंत्र में डाले कचरा : अवनिंद्र
किन्नौर जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र कुमार शर्मा ने स्थानीय व्यापार मंडल और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे कूड़े कचरे को नाले में फेंकने के बजाय कूड़ा संयंत्र में डालें, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।