अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
बीते दिनों रामपुर के साथ लगते नोगली क्षेत्र में नेपाली मूल के दो मजदूरों के साथ मारपीट का मामला गर्मा गया है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नेपाली एकता समाज ने जल्द कार्रवाई न करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस मामले को लेकर जल्द एकता समाज के पदाधिकारी एसडीएम रामपुर से भी मिलेंगे और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करेंगे। एकता समाज ने कहा कि जिन दो नेपालियों को बेरहमी से पीटा गया है, उन पर खासा दबाव बनाकर इस मामले को समझौते का नाम देकर रफा-दफा किया गया है, जबकि इस मामले में दोषी वन कर्मियों को राहत देकर गरीब लोगों के हितों के साथ सरेआम खिलवाड़ किया गया है। एकता समाज ने कहा कि अगर वे दोनों नेपाली इस मामले में दोषी थे, तब भी उन्हें कानून सजा देता, जिस तरह से वन कर्मी इन दोनों को मार रहे थे, वह सरेआम जानवरों का सलूक दिखता है। इस पर कभी भी कोई समझौता नहीं हो सकता। एकता समाज ने कहा कि इस मामले पर यदि जल्द कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो इसके खिलाफ रामपुर में एक आंदोलन किया जाएगा। एकता समाज ने प्रदेश के वन मंत्री गोविंद ठाकुर का वन कर्मियों द्वारा नेपाली मजदूरों पर किए गए अमानवीय व्यवहार पर वन अरण्यपाल रामपुर को प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश देने के लिए आभार प्रकट किया है।
एकता समाज के अध्यक्ष कर्ण बहादुर, उपाध्यक्ष सीता राम बुढा, सचिव अजय प्रताप शाही और कोषाध्यक्ष आरके राही ने नेपाली एकता समाज बिरादराना संगठन और समाज विचार धारा वाले संगठनों से अपील की है कि इस अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट हो जाएं।