अमर उजाला ब्यूरो
दलाश(कुल्लू)।
क्षेत्र की तलुणा पंचायत के ग्रामीण भालुओं से खौफजदा हैं। रविवार को जहां कोटणु गांव में भालू ने गौशाला तोड़ दी थी, वहीं मंगलवार रात फिर तलुणा पंचायत के कोट गांव में भालू ने शेर सिंह की गौशाला पर को तोड़ने का प्रयास किया। भालू जब गौशाला के छत की स्लेटों को उखाड़ने लगे तो शेर सिंह और उनके परिवार को इसकी आवाज सुनाई दी। जब वे रात को घर से बाहर निकले तो देखा कि दो भालू गौशाला की छत को उखाड़ रहे हैं। शोर मचाने पर दोनों भालू भाग गए।
क्षेत्र में दिन प्रतिदिन बढ़ रही भालू की वारदातों से लोगों में दशहत है। लोगों को बच्चों को घर से बाहर भेजने की चिंता सता रही है। क्षेत्र के गचछबा गांव करीब पांच साल पहले भालू ने दो सगे भाई-बहन को मौत के घाट उतार दिया था।
तलुणा पंचायत प्रधान दीपिका शर्मा, उप प्रधान प्रमोद, रंजना शर्मा, हरविंद्र कुमार, सतपाल शर्मा, बंटी सुमन, ताबे राम, योगेश, जीवत राम, अविनाश, विवेक शर्मा ने वन विभाग से भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।