शिलान्यास से छह साल बाद भी नहीं बना पूड़ग स्कूल भवन
मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने किया स्कूल का औचक निरीक्षण
माध्यमिक स्कूल में चल रहीं जमा एक और दो की कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। शिलान्यास के छह वर्ष बाद भी पूड़ग राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भवन निर्माण फाइलें में दब कर रह गया है। राजनीतिक उपेक्षा के चलते पूड़ग स्कूल के भवन का निर्माण बजट स्वीकृत होने के बाद भी धरातल पर शुरू नहीं हुआ है। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने स्वयं स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन के अभाव में वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की कक्षाएं माध्यमिक स्कूल के भवन में चल रही हैं। स्कूल प्रबंधन समिति पूड़ग ने भी मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्कूल भवन निर्माण के कार्य को शीघ्र शुरू करने के दिशा निर्देश भी मौके पर दिए गए।
कोटखाई तहसील के पूड़ग स्कूल में वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भवन का शिलान्यास 20 जून 2012 को तत्कालीन बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने ही किया गया। स्कूल भवन के लिए 66 लाख 80 हजार रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई थी। शिलान्यास के कुछ माह बाद ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। बजट स्वीकृत होने के बाद भी स्कूल भवन निर्माण के टेंडर तक आमंत्रित नहीं किए गए। स्कूल में 123 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिसमें से 53 बच्चे वरिष्ठ माध्यमिक की कक्षाओं में है। स्कूल भवन न होने के कारण वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के सभी बच्चे माध्यमिक स्कूल के भवन में ही कक्षाएं लगा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश ने बताया कि स्कूल भवन में बजट की व्यवस्था पहले से है। शीघ्र ही मामले में उचित कदम उठाए जाएंगे।
स्कूल प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव ने बताया स्कूल भवन का कार्य लंबे समय से शुरू नहीं किया गया है। स्कूल पूरी तरह से राजनीतिक उपेक्षा का शिकार हुआ है। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उनके समक्ष स्कूल भवन का शीघ्र निर्माण करने की मांग उठाई गई है।
मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस स्कूल भवन का शिलान्यास वर्ष 2012 में किया था। स्कूल भवन के लिए 66 लाख 80 हजार रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई थी, लेकिन उन्हें हैरानी है कि बावजूद इसके बीते पांच सालों में टेंडर तक नहीं लगाए गए। स्कूल भवन के नाम से पर एक पत्थर भी नहीं लगाया गया। स्वीकृत बजट को कहीं ओर स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।