रामपुर बुशहर। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में रह रही 60-70 फीसदी युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ गई है, जो इस समाज के लिए एक अच्छा संदेश नहीं है। नशे को जड़ से समाप्त करना समाज के सभी अंगों का दायित्व और कर्तव्य है। यहां आयोजित नशा निवारण समिति की बैठक में यह बात डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने कही। उन्होंने समाज से नशे की कुरीति को समाप्त करने के लिए सभी वर्गों से आह्वान किया ताकि एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।
नगर परिषद रामपुर सभागार में रविवार को पुलिस की देखरेख में कार्य करने वाली नशा निवारण समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। इस दौरान रामपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए दर्जनों अभिभावकों और विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। डीएसपी वर्मा ने कहा कि रामपुर क्षेत्र में नशे को समाप्त करने में नशा निवारण समिति अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही नशे का काला कारोबार करने वाले तस्करों का सफाया किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का 60 से 70 प्रतिशत युवा वर्ग भांग और चिट्टे (सिंथैटिक ड्रग) की चपेट में आ गया है। इसमें परिजनों की अनदेखी भी एक बहुत बड़ा कारण हैं। उन्होंने कहा कि नशा निवारण समिति में आम समाज से जुड़ा व्यक्ति भी सदस्य बन सकता है। नशे के व्यापार से जुड़ी सूचना पुलिस को देने वाले को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। इस दौरान बैठक में मौजूद कई लोगों ने अपने सवाल भी डीएसपी के समक्ष रखे।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि पुलिस को नशे के खात्मे के लिए जो भी सहयोग अपेक्षित होगा, नगर परिषद द्वारा किया जाएगा। उन्होंने पुलिस द्वारा नशे को खत्म करने के लिए छेड़ी गई मुहिम की सराहना की।
इस मौके पर डॉ. गुमान नेगी, नगर परिषद अध्यक्ष मीना कुमारी, उपाध्यक्ष दीपक सूद, मनीष आनंद, हरीश गुप्ता, विशेषर लाल, ध्रुव शर्मा, विक्रांत बिष्ट, आनंद नेगी, विनोज नेगी, रोहित घागटा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।