भावानगर (किन्नौर)।
राज्य को कई बिजली प्रोजेक्ट देने वाली भावावैली में बिजली सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां बिजली गुल होने पर लोगों को कई घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ता है। अगर लाइन में कोई खराबी आ जाए तो उसे दूर करने में लंबा समय लग जाता है। बिजली बोर्ड भावावैली में स्थापित विद्युत प्रोजेक्टों से करोड़ों की कमाई कर रहा पर वहां के लोगों को बेहतर विद्युत सेवाएं नहीं दी जा रही हैं।
भावावैली में बिजली संकट आए दिन बना रहता है। इससे क्षेत्र के लोगों को अधिक परेशानी होती है। लोगों ने बिजली बोर्ड और सरकार से आपातकालीन समय के दौरान स्थानीय बिजली प्रोजेक्टों से भावावैली को बिजली सप्लाई देने की मांग की। ग्रामीणों की मांग पर किसी ने गौर नहीं किया। बिजली बोर्ड भावावैली में 120 मेगावाट की संजय परियोजना और 450 मेगावाट की भावा संवर्धन परियोजना से वर्षों से चांदी कूट रहा है। 25.25 मेगावाट की अन्य दो परियोजनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। भावावैली को बिजली सप्लाई 20 किमी दूर कंडार से दी गई है। ऐसे में तेज हवा और बारिश होते ही यहां बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। काफनू पंचायत प्रधान दिग्विजय नेगी ने कहा कि बिजली बोर्ड को भावावैली में संजय परियोजना और भावा संवर्धन परियोजना से बिजली सप्लाई देने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कंडार स्थित स्वीचयार्ड में ट्रांसफार्मर की केबल जलने के कारण भावावैली के 14 गांव में डेढ़ दिन बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई थी। ऐसा पहली बार नहीं, बल्कि कई बार हो चुका है। भावावैली में बिजली समस्या सुधरने की बजाय बढ़ती जा रही है। उधर, बिजली बोर्ड के ऑपरेशन विंग के सहायक अभियंता जितेश नेगी ने बताया कि परियोजना से लोगों को बिजली देना उनका अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसके लिए सरकार से ही मांग की जा सकती है।