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रामपुर बस स्टैंड में खरीदकर पानी पी रहे लोग

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पानी - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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रामपुर बुशहर। सतलुज जल विद्युत निगम ने दस करोड़ की लागत से रामपुर बस स्टैंड बना कर बस अड्डा विकास प्राधिकरण को वर्ष 2011 में सौंप दिया था। लेकिन आज भी हजारों यात्री यहां स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बस अड्डे में दिखाने के लिए पेयजल व्यवस्था कर रखी है पर पाइपों से कई नलके गायब हैं और न ही यहां पर पेयजल सुविधा के नाम पर वाटर कूलर लगाए गए हैं। बस स्टैंड पर लोगों को नाममात्र पानी मिल रहा है। ऐसे में बस अड्डे की दुकानों से यात्री बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।बस अड्डा विकास प्राधिकरण दुकानदारों पर मेहरबान हो रहा है।
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रामपुर बस अड्डे से हिमाचल और बाहरी राज्यों के लिए बसें चलती हैं। अमूमन बस अड्डों में यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे पेयजल उपलब्ध रहता है। रामपुर बस अड्डे में पेयजल सुविधा को लेकर महज औपचारिकता निभाई जा रही है। बस अड्डे में दो स्थानों पर दिखाने के लिए पेयजल के लिए एक-एक नलका लगाया गया है। इन दोनों नलकों को भी चौक करके रखा है, ताकि लोगों को पूरा पानी नहीं मिल पाए और यात्री बस अड्डे की दुकानों से ही बोतल बंद पानी खरीदने को विवश हो जाएं। प्राधिकरण के अधिकारी भी यात्रियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रहा है। अगर ऐसी नहीं होता तो आज दिन तक पेयजल व्यवस्था में सुधार हो गया होता। आश्चर्यजनक बात यह है कि बस अड्डों में पेयजल के लिए वाटर कूलर तक लगाए जाते हैं, जो रामपुर बस स्टैंड पर नहीं। चाटी के रमेश, खनेरी उमेश, अनीता सहित कई अन्य लोगों का कहना है कि रामपुर बस अड्डे में पेयजल व्यवस्था लचर बनी हुई है। बस अड्डे में वाटर कूलर तक नहीं लगे हैं और लोगों को मजबूरी में परिसर की दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। एचआरटीसी रामपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक जगरनाथ कहते हैं कि पानी को लेकर कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। अगर ऐसा है तो मामले की छानबीन कर पानी की व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी।
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