रामपुर बुशहर।
महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में वर्षों से ट्रामा सेंटर बनाने की मांग उठ रही है। पूर्व प्रदेश सरकार से ट्रामा सेंटर को मंजूरी मिलने के बाद इसका कार्य धीमी गति से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली से लोगों में रोष है। अब अस्पताल प्रशासन ने भी लोनिवि को नोटिस जारी कर ट्रामा सेंटर के निर्माण में गति लाने को कहा है।
शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिले में बड़े हादसे होने पर मरीजों को खनेरी अस्पताल लाया जाता है। लेकिन यहां ट्रामा सेंटर न होने से कई लोगों को यहां से करीब 130 किमी दूर आईजीएमसी शिमला भेजा जाता है, जिससे कई लोगों को जान से हाथ गंवाना पड़ता है। बीते वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार ने अस्पताल परिसर में जगह का चयन कर सेंटर का निर्माण कार्य शुरू करवाया था। करीब 5.50 करोड़ की लागत से बनने वाले सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग को 80 लाख रुपये की राशि जमा कर दी गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने पांच मजदूर तैनात कर ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। क्षेत्र के रिंकू नेगी, जय सिंह, राजेंद्र ठाकुर, राज गौतम, धर्म सेन, मनोहर लाल, मीना कुमारी, जयवंती ठाकुर, घनश्याम सिंह, अच्छर सिंह, धर्मदास आदि ने कहा कि खनेरी अस्पताल में ट्रामा सेंटर होना अति आवश्यक है। हादसों और बड़ी दुर्घटनाओं के समय इस अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को शिमला रेफर किया जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द ट्रामा सेंटर का निर्माण पूरा कर लोगों को राहत देने की मांग की है।
पांच मजदूरों के सहारे चल रहा काम : सुनील
खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ट्रामा सेंटर के निर्माण में तेजी नहीं ला रहा है। पांच मजदूरों के सहारे ही कार्य चल रहा है। लोनिवि को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही विभाग को 80 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की गई है। ट्रामा सेंटर के निर्माण को लेकर 1.15 करोड़ रुपये की राशि भी प्राप्त हो गई है।
डिजाइन से निर्माण कार्य प्रभावित : केके कौशल
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन केके कौशल ने बताया कि ट्रामा सेंटर के डिजाइन के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि यदि उन्हें समय रहते निर्माण कार्य की राशि मिल जाती है तो एक वर्ष में ही इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।