अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
भावानगर एसडीएम कार्यालय में एसडीएम धनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें भावावैली की तीनों पंचायतों कटगांव, यांगपा और काफनू के जनप्रतिनिधियों, वन संपदा एवं पर्यावरण संरक्षण समिति भावाघाटी के सदस्यों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता करने पर चर्चा हुई। सिर्फ आधा घंटा चली इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्यों ने कंपनी प्रबंधन के उच्च अधिकारी न पहुंचने पर बैठक से बाहर चले गए। ऐसे में बैठक बेनतीजा रही।
काफनू पंचायत प्रधान दिग्विजय नेगी और वन संपदा एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष देव सिंह नेगी ने कहा कि पंचायतों ने अनापत्ति पत्र कंपनी प्रबंधन को कायदे कानून तोड़ने को नहीं दिए हैं। कंपनी प्रबंधन कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाकर पर्यावरण और अतिक्रमण कर नुकसान पहुंचा रही है, जिसे भावावैली के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार, वन विभाग और जिला प्रशासन से जल्द इस मामले को लेकर उचित कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। एसडीएम भावानगर धनश्याम शर्मा ने कहा कि अनापत्ति पत्र तो कंपनी प्रबंधन के पास थे। लेकिन मकानों में आई दरारें, अतिक्रमण और पेड़ों के कटान को लेकर कमेटी का गठन कर प्रशासनिक तौर पर जायजा लिया जाएगा। इस दौरान प्रधान कटगांव पदम सिंह नेगी, प्रधान काफनू दिग्विजय नेगी, प्रधान यांगपा नरेंद्र सिंह नेगी, पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष देव सिंह नेगी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, नैनचंद नेगी, प्रवीण नेगी, दलीप नेगी, सलाहकार यशपाल नेगी, भाग सेन नेगी, कंपनी प्रबंधन के निर्देशक रमेश रेड्डी, जीएम उमा महेश्वर राव, लाईजन अधिकारी जसविंद्र सिंह परमार सहित अन्य मौजूद रहे।