जुब्बल। तहसील जुब्बल के तहत बढ़ाल पंचायत के बनाना गांव में शरारती तत्व ने पेयजल की दो टंकियों में जहरीला कीटनाशक मिला दिया। पता चलने के बाद पूरे गांव के लोग खौफ में हैं। आईपीएच विभाग ने टंकियों से आपूर्ति बंद कर दी है। लोगों के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जहर मिले पानी के नमूने पुलिस ने जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। सोमवार को एसपी सौम्या सांबशिवन ने मौके का दौरा किया।
जानकारी के अनुसार बढ़ाल पंचायत के पूर्व प्रधान राज पिरटा ने आईपीएच विभाग के एसडीओ को सूचना दी कि पीने के पानी से सेब की दवाइयों की बदबू आ रही है। आईपीएच विभाग के एसडीओ जयवंत शर्मा ने रविवार सुबह मौके पर पहुंच कर जांच की। इस पर पता चला कि गीता राम पिरटा व आईपीएच के स्टोर टैंक की पाइप तोड़ कर मुख्य लाइन से जहर डाला गया। सूचना के बाद पुलिस ने कुछ दूरी पर एंडोसल्फान जहर की खाली बोतल व ढक्कन बरामद किया। आईपीएच विभाग की टीम ने टैैैंक में पानी की आपूर्ति रोक दी है। लोगों के लिए अलग से सार्वजनिक नल से पीने के पानी दिया जा रहा। आईपीएच विभाग जुब्बल सब डिवीजन के एसडीओ जयवंत शर्मा ने बताया कि पानी की टंकियों को साफ कर दिया गया है। विभाग की ओर से मामला पुलिस में दर्ज कर दिया गया है।
अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज : डीएसपी
डीएसपी रोहड़ू अशोक वर्मा ने कहा कि पानी के नमूने जांच के लिए लेब भेजे गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पानी में जहर मिला पाया गया था। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है।
टंकी का पानी न करें इस्तेमाल :
हादसे के दिन बनाना गांव में गीता राम पिरटा के घर में मेहमाबाजी चल रही थी। इस दौरान रात के समय नलके के पानी से सेब के कीटनाशक की बदबू पाई तो विभाग को सूचित किया। आईपीएच विभाग के एसडीओ ने लोगों को आह्वान किया कि कोई भी कर्मचारियों के पहुंचने तक टंकियों से पीने का पानी का उपयोग न करें।
आईपीएच की टंकी से दस घरों को सप्लाई
बनाना गांव में दूसरी आईपीएच की टंकी से करीब दस घरों को पेयजल आपूर्ति होती है। टंकी का ढक्कन पूरा बंद था। शरारती तत्व ने मुख्य पाइप को तोड़ कर उससे ही टंकी में जहर मिला दिया। पानी में जहर की मात्रा इतनी अधिक थी कि पूरा पानी दुधिया हो चुका था। यदि समय रहते लोगों को पता नहीं चलता तो कई लोगों की जाने जा सकती थी।